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किसान व पशुपालकों को वैज्ञानिक सलाह देने की अपील

पटना/सबौर। लाॅकडाउन की स्थिति में किसान एवं पशुपालकों की समस्याओं के समाधान के लिए कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपतियों से चर्चा की। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में सभी कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रभारी मौजूद थे। 

समीक्षा बैठक में इन बिंदुओं पर हुई चर्चा - किसानों को खेती संबंधित वैज्ञानिक सलाह देने, कृषि विज्ञान केंद्रों में बीज उत्पादन की स्थिति, आगामी खरीफ मौसम में फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए आवश्यक रणनीति, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्यपालकों की समस्याओं का समाधान, बर्ड फ्लू एवं स्वाईन फीवर की स्थिति में समुचित प्रबंधन, पशुओं की बीमारियों की रोकथाम, दूध उत्पादन में वृद्धि के लिए गायों के नस्ल सुधार एवं देशी गौवंश की वृद्धि के लिए किये जा रहे उपायों पर चर्चा हुई।

बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ अजय कुमार सिंह ने किसान हित में किये गये कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बायोटेक किसान हब योजना के अंतर्गत पलायन से लौटे बांका, पूर्णियां, कटिहार अररिया, औरंगाबाद एवं खगड़िया के युवाओं को जीवकोपार्जन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। लाॅकडाउन समाप्त होने के बाद युवाओं को स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग दी जायेगी। पटना, लखीसराय एवं गया जिलों के किसानों को खेसारी फसल के उत्पादन की विशेष जानकारी दी गई है।

समीक्षा के बाद मंत्री ने दोनों विश्वविद्यालयों के कार्यों की सराहना की। वीडियो काॅन्फ्रेसिंग में बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के कुलपति डाॅ रामेश्वर सिंह, पशुपालन निदेशक विनोद गुंजियाल, बीएयू के निदेशक प्रसार शिक्षा डाॅ आर. के. सोहाने, अटारी के निदेशक डाॅ अंजनी कुमार, कृषि विज्ञान केंद्रों के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान उपस्थित थे। 


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