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किसान, श्रमिक व स्ट्रीट वेंडरों के लिए राहतों की घोषणा

नई दिल्ली/पटना। आत्मनिर्भर भारत पैकेज की दूसरी किस्त में छोटे किसान, श्रमिक, छोटे कारोबारी एवं स्ट्रीट वेंडरों के लिए कई राहतों की घोषणा केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने की। कोरोना वायरस की वजह से लाॅकडाउन में सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए प्रधानमंत्री ने 20 लाख करोड़ के आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा की थी। 

पैकेज की पहली किस्त करीब छह लाख करोड़ रुपये की थी। इसमें एमएसएमई, एनबीएफसी, बिजली वितरण कंपनी एवं रियल एस्टेट से जुड़ी कंपनियों को राहत दी गई है।   

किसान, श्रमिक, छोटे कारोबारी एवं स्ट्रीट वेंडरों के लिए घोषित वित्तीय पैकेज की कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने सराहना की। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में पैकेज की दूसरी किस्त मददगार होगी। 

केंद्रीय वित्त मंत्री ने 3 करोड़ किसानों के लिए 4.22 लाख करोड़ रुपये लोन पर तीन माह तक लोन पर रोक की सुविधा दी है। साथ ही किसानों को ब्याज मेें छूट देते हुए फसलों पर इन्सेंटिव 31 मई, 2020 तक बढ़ा दी है। इससे किसानों को लाभ होगा। इसके अलावा 25 लाख नये किसान क्रेडिट कार्ड जारी किये गये है, जिस पर लोन लिमिट 25 करोड़ रुपये होगी। 

कर्जदार किसान, मजदूर, फेरी वाले एवं छोटे कारोबारियों को 1500 करोड़ के मुद्रा-शिशु लोन देने की घोषणा की गई है। इसके तहत् एक साल तक उनकी ब्याज राशि का दो प्रतिशत केंद्र सरकार वहन करेगी। कोरोना महामारी के कारण तकलीफ में आये स्ट्रीट वेंडरों के लिए 5000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे करीब 50 लाख वेंडरों को लाभ मिलेगा। 

वन नेशन-वन राशन कार्ड को अगस्त, 2020 तक लागू किया जायेगा । इससे 67 करोड़ लोगों को फायदा मिलेगा। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण से जुड़े कार्यों में रोजगार सृजन के लिए कैम्पा फंड से 6000 करोड़ राशि जारी की जायेगी।   

मनरेगा के तहत श्रमिकों की मजदूरी 182 से बढ़ाकर 202 रुपये प्रतिदिन की गई है। इसमें 50 प्रतिशत से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रवासी श्रमिकों के दो माह के राशन के लिए 3500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 
 


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