पटना। राज्य सरकार ने बिहार लौटे प्रवासियों के रोजगार सृजन के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स गठित की है। इसके लिए सभी डीएम को निर्देश दिया गया है कि वे अपने जिले में प्रवासी श्रमिकों की स्किल मैपिंग शीघ्र करें। इससे श्रमिकों को उनकी स्कील के आधार पर रोजगार दिलाने में सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उक्त निर्देश वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये दी। काॅन्फ्रेंसिंग में सभी प्रमंडलीय आयुक्त, रेंज के आईजी-डीआईजी, डीएम एवं एसपी जुड़े हुए थे। सीएम ने कहा कि प्रवासियों को बाहर काफी कष्ट हुआ है। बिहार के बाहर की अधिकतर निजी कंपनियों ने उनका ध्यान नहीं रखा है। हमारा कर्तव्य है कि हम उनका ख्याल रखें। हमारी इच्छा है कि सभी को यहीं रोजगार मिले। किसी को मजबूूरी में बाहर नहीं जाना पड़े।
उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले क्वारंटाइन केंद्र पर रह रहे लोगों से मेरी बात हुई थी। उन्होंने इच्छा जाहिर की है कि वे यहीं रहकर काम करना चाहते हैं। अधिकतर लोग बाहर से वापस बिहार आ चुके हैं। बचे लोग भी एक-दो दिन में आ जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए सभी जिलों में लोक सेवा केंद्र को पुनः खोलने, स्वीकृत राशन कार्ड की प्रिंटिंग में तेजी लाने एवं वितरण का निर्देश दिया। उन्होंने लोगों से कोरोना संक्रमण का डटकर मुकाबला करने की अपील की। धैर्य रखने एवं सतर्क रहने की सलाह दी। आइसोलेशन बेड्स बढ़ाने, बाहर से आ रहे लोगों की अधिक संख्या में जांच एवं पल्स पोलियो अभियान के तर्ज पर डोर टू डोर स्क्रीनिंग का लगातार फाॅलोअप कराने का भी निर्देश दिया।
बैठक में डिप्टी सीएम, आपदा प्रबंधन मंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी, विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव एवं सचिव मौजूद थे।