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मुजफ्फरपुर में बना देश का सबसे बड़ा शिशु अस्पताल 

पटना/मुजफ्फरपुर। देश की सबसे बड़ी शिशु गहन चिकित्सा इकाई (पीकू) का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये किया। 100 बेड के पीकू का निर्माण मुजफ्फरपुर स्थित एसकेएमसीएच परिसर में किया गया है। इसकी लागत 72 करोड़ रुपये है।  

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शिशु गहन चिकित्सा इकाई सह अनुसंधान केंद्र वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से लैस है। इसका निर्माण लक्ष्य के मुताबिक कराया गया है। इसके शुरू हो जाने से अब शिशु इलाज में काफी सुविधा होगी। मुख्यमंत्री एक अणे मार्ग से स्वास्थ्य विभाग की 542.10 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास एवं 88.38 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण कर रहे थे। 

सीएम ने कहा कि मुजफ्फरपुर के पांच प्रखंड एईएस से विशेष प्रभावित हैं। इन प्रखंडों में पिछले साल सोशियो इकॉनोमिक सर्वे कराया गया था। इस आधार पर वहां के जरूरतमंद परिवारों को कई योजनाओं का लाभ दिया गया है। 

पीएमसीएच में विश्व का सबसे अधिक 5,400 बेड वाला अस्पताल बन रहा है। आईजीआईएमएस पटना एवं एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर का 2500-2500 बेड के अस्पताल के रूप में विस्तार हो रहा है। इसी तरह एनएमसीएच, पटना, एएनएमएमसीएच ,गया और डीएमसीएच, दरभंगा का भी विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य के 36 जिलों के 21 जिला अस्पतालों का विस्तारीकरण सह उन्नयन का काम 2022 तक पूरा हो जायेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पताल निर्माण के लिए जमीन दान करने वालों के नाम पर अस्पताल का नामकरण किया जायेगा। 2006 में बिहार में टीकाकरण का प्रतिशत 18 था। यह अब बढ़कर 86 प्रतिशत हो गया है। हमारा लक्ष्य है कि टीकाकरण के मामले में बिहार देश के पांच सर्वश्रेष्ठ राज्यों में शामिल हो। 

कार्यक्रम को डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी एवं स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने भी संबोधित किया। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से मुजफ्फरपुर के जनप्रतिनिधि, एसकेएमसीएच के प्राचार्य डॉ विकास एवं अधीक्षक डॉ एसके शाही, एम्स पटना के निदेशक डॉ प्रभात सिंह, मुजफ्फरपुर एवं मधुबनी जिलों के चिकित्सा पदाधिकारी जुड़े थे।    
 


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