पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैंकों से कहा कि एनुअल क्रेडिट प्लान के अंतर्गत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) की अधिक से अधिक मदद करें। एमएसएमई क्षेत्र को अधिक लोन देने की आवश्यकता को देखते हुए एनुअल क्रेडिट प्लान के लक्ष्य को बढ़ाना होगा। नये उद्योग खासकर सूक्ष्म एवं लघु उद्योग लगाने एवं उसे बढ़ावा देने में बैंक अपना पूरा सहयोग दे।
राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 72वीं समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि लोगों को स्वरोजगार दिलाने में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। बिहार में सूक्ष्म एवं लघु उद्योग इकाई, पशुपालन, मुर्गीपालन, हस्तशिल्प, हस्तकरघा, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार सृजन की काफी संभावनाएं हैं।
सीएम ने कहा कि बिहार में लोग अपनी सेविंग की अधिकतर राशि बैंकों में जमा करते हैं। इसके विपरीत बैंक हमारे राज्य के जमा पैसों को विकसित राज्यों में लगा देते हैं। बिहार में क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) रेशियो बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसके लिए एनुअल क्रेडिट प्लान के लक्ष्य को बढ़ाना पड़ेगा। जब एनुअल क्रेडिट प्लान बढ़ेगा, तो क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो भी बढ़ेगा।
2019-20 में बिहार के बैंकों का कुल डिपोजिट 3.71 लाख करोड़ रुपये रहा जबकि बैंकों का 43.03 प्रतिशत ही क्रेडिट-डिपाॅजिट रेशियो रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 9.5 लाख जीविका समूहों का गठन किया जा चुका है। हमारा लक्ष्य 10 लाख जीविका समूहों के गठन का है। जीविका समूह को एक से पांच लाख रुपये तक के ऋण किस्तों में दिये जाते हैं। इसे बढ़ाकर तीन से दस लाख रुपये करने की आवश्यकता है।
राज्य की 8386 ग्राम पंचायतों में बैंक शाखा खोलने की जरूरत है। बिहार में 16 हजार की जनसंख्या पर एवं देश में 11 हजार की जनसंख्या पर बैंक की शाखाएं हैं। उन्होंने कहा कि नई बैंक शाखा खोलने के लिये पंचायत सरकार भवनों के साथ अन्य सरकारी भवनों में भी जगह उपलब्ध करायी जायेगी।
कृषि विभाग ने किसान क्रेडिट कार्ड जारी करने के लिए 3.70 लाख आवेदन बैकों को भेजे हैं जबकि बैंकों ने अब तक केवल 50 हजार आवेदनों को ही स्वीकृत किया है। इस कार्य में तेजी लाने की जरूरत है। लॉकडाउन के दौरान बैंकों ने लगातार काम किया है। इसकी हम सराहना करते हैं।
समीक्षा बैठक को डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक देवेश लाल एवं एसबीआई के सीजीएम महेश गोयल ने भी संबोधित किया। बैठक में संबंधित विभागों के मंत्री, मुख्य सचिव, प्रधान सचिव एवं सचिव, नाबार्ड के सीजीएम, पोस्टमास्टर जनरल एवं कई बैंकों के वरीय अधिकारी मौजूद थे।