पटना। सहजन क्षेत्र विस्तार योजना के लिए राज्य सरकार ने 3.53 करोड़ राशि स्वीकृत की है। राशि दो वित्तीय वर्ष के लिए है। लाॅक डाउन की वजह से वित्तीय वर्ष 2019-20 का काम बाधित हुआ है। चालू वित्त वर्ष के साथ गत वित्त वर्ष का भी बचा हुआ काम इस साल पूरा किया जायेगा। मुनगा नाम से भी चर्चित सहजन औषधीय गुणों से भरपूर है।
सहजन में 300 से अधिक रोगों के रोकथाम के गुण हैं। इसमें 92 तरह के मल्टीविटामिन्स, 46 तरह के एंटीऑक्सीडेंट, 36 तरह के दर्दनिवारक और 18 तरह के एमिनोएसिड पाये जाते हैं। इसकी पत्तियों के प्रयोग से पशुओं के दूध में काफी वृद्धि होती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में यह काफी मददगार है। बाहर में अधिक मांग के कारण यह किसानों के लिए काफी लाभदायक है।
कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने बताया कि सहजन क्षेत्र विस्तार योजना का कार्यान्वयन दक्षिण बिहार के 17 जिलों गया, औरंगाबाद, नालंदा, पटना, रोहतास, कैमूर, भागलपुर, नवादा, भोजपुर, जमुई, बांका, मुंगेर, लखीसराय, बक्सर, जहानाबाद, अरवल एवं शेखपुरा में किया जायेगा। क्षेत्र विस्तार के लिए 74,000 रुपये प्रति हेक्टेयर इकाई लागत है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में सहजन की खेती कर इस योजना का लाभ उठाएं।
इन जिलों के किसानों को लागत का 50 प्रतिशत यानी 37,000 रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायतानुदान मिलेगा। किसानों को अनुदान दो किस्तों में मिलेगा। पहले साल 27,750 रुपये प्रति हेक्टेयर एवं दूसरे साल 9,250 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से दिया जायेगा। दूसरे साल 90 प्रतिशत सहजन का पौधा जीवित रहने पर ही दूसरी किस्त का भुगतान होगा। पीकेएम 1, पीकेएम 2, कोयंबटूर 1 एवं कोयंबटूर 2 सहजन के उन्नत प्रभेद हैं।