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स्टील निर्मित महात्मा गांधी सेतु का पश्चिमी लेन शुरू 

पटना। उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले महात्मा गांधी सेतु, पटना का पश्चिमी लेन (अप स्ट्रीम) शुक्रवार से शुरू हो गया। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये नये लेन का उद्घाटन किया। समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की। 

5575 मीटर लंबे पुल के पुराने कंक्रीट सुपर स्ट्रक्चर को तोड़कर स्टील निर्मित नया सुपर स्ट्रक्चर तैयार किया गया है। पूर्वी एवं पश्चिमी लेन के निर्माण में 66,360 मीट्रिक टन स्टील का उपयोग होगा। निर्माण पर 1742 करोड़ राशि खर्च होगी। पश्चिमी लेन के निर्माण में करीब तीन साल का वक्त लगा।  

इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि नये हिस्से के निर्माण से काफी राहत मिलेगी। पुल के पूर्वी हिस्से का निर्माण डेढ़ साल में पूरा हो जायेगा। विक्रमशिला सेतु के समानांतर फोर लेन ब्रिज निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।   

मुख्यमंत्री ने कहा कि बक्सर से वाराणसी को सीधे फोर लेन से जोड़ा जाना चाहिए। इससे वाराणसी तक का सफर आसान होगा। उन्होंने मोकामा से मुंगेर  एनएच-80, मुजफ्फरपुर से बरौनी एनएच-28, खगड़िया से पूर्णिया एवं मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी-सोनवर्षा एनएच-77 को फोर लेन करने का प्रस्ताव रखा। राज्य सरकार सुल्तानगंज से आगवानी घाट तक पुल का निर्माण करा रही है। इससे भी आवागमन आसान हो जायेगा।  

सीएम ने कहा कि बिहार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग की काफी संभावनाएं हैं। राज्य सरकार ने उद्योग नीति में परिवर्तन किया है। सरकार का प्रयास है कि मजबूरी में रोजगार के लिए किसी को बिहार से बाहर नहीं जाना पड़े। राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग के लिए और फंड की जरूरत है। सड़क एवं पुल का निर्माण तेजी से हो रहा है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग के लिए और प्रयास करने से बिहार की और तरक्की होगी।

समारोह को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, रामविलास पासवान, अश्विनी चौबे, नित्यानंद राय, डॉ वीके सिंह, डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, मंत्री नंद किशोर यादव, सड़क परिवहन मंत्रालय में विशेष सचिव आईके पांडेय एवं अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने भी संबोधित किया। इस मौके पर सांसद राजीव प्रताप रुडी, राम कृपाल यादव, वीणा देवी, पशुपति कुमार पारस समेत कई सांसद एवं विधायक उपस्थित थे। 
 


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