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बाढ़ प्रबंधन में नेपाल का नहीं मिल रहा सहयोग : सीएम 

पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बाढ़ प्रबंधन में नेपाल का सहयोग नहीं मिल रहा है। नेपाल में अधिक बारिश के कारण उत्तर बिहार बाढ़ से प्रभावित होता है। भारत-नेपाल समझौते के आधार पर बिहार का जल संसाधन विभाग सीमावर्ती इलाके में बाढ़ प्रबंधन का काम करता है।

2008 में कोसी त्रासदी के समय भी बांध टूटने से बिहार प्रभावित हुआ था। इस वर्ष भी मधेपुरा जिले में पहले से बने बांध और मधुबनी में नो मैन्स लैंड में बने बांध की मरम्मत में नेपाल सरकार ने सहयोग नहीं किया। 

सीएम ने कहा कि बिहार के अधिकारियों ने नेपाल से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं दिया। इस कारण मरम्मत कार्य काफी विलंब से हुआ। हमलोगों ने अपनी सीमा क्षेत्र में बांध की मजबूती का काम किया है। नेपाल की तरफ से ऐसी स्थिति पर गौर करने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री छह राज्य बिहार, उत्तर प्रदेश, असम, कर्नाटक, महाराष्ट्र और केरल के मुख्यमंत्रियों के साथ बाढ़ की स्थिति एवं प्रबंधन पर वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये समीक्षा बैठक कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा के कारण भी 2016 में 13 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए थे। फरक्का बराज के कारण जल निकासी में अब ज्यादा समय लगता है। इस पर भी विचार करने की जरूरत है। भारत-बांग्लादेश के बीच समझौते के अनुसार फरक्का बराज पर गंगा नदी का जलश्राव 1500 क्यूमेक सुनिश्चित करना पड़ता है। गंगा से बिहार में मात्र 400 क्यूमेक जल प्राप्त होता है। शेष 1100 क्यूमेक जल गंगा नदी में बिहार के क्षेत्र से जाता है। इस प्रकार बिहार में गंगा का जल होते हुए भी राज्य इसका उपयोग नहीं कर पाता है। 

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना के लिए दो लाख हेक्टेयर का क्षेत्र लाभान्वित होने का दायरा निर्धारित किया गया है। इसके तहत बिहार की कोसी-मेची नदी को राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना के अंतर्गत शामिल किया जाना चाहिए। इससे 2 लाख 14 हजार हेक्टेयर क्षेत्र लाभान्वित होगा। नदी जोड़ने से बाढ़ की संभावना कम होगी और पानी का लोग अधिक उपयोग कर सकेंगे। 

15 वें वित्त आयोग ने वर्ष 2020-21 के लिए स्टेट डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट फंड के लिए 1880 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसमें 20 प्रतिशत स्टेट डिजास्टर मिटीगेशन फंड एवं 80 प्रतिशत स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड में विभक्त किया गया है। इस संबंध में अभी पूरी स्पष्टता नहीं है। 2018 में भी रिलीफ फंड को लेकर चर्चा हुई थी।
 


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