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एग्री इन्फ्रा फंड में बिहार को मिला 3900 करोड़ 

पटना/नई दिल्ली। कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने कहा कि केंद्र से जारी एक लाख करोड़ रुपये के एग्री इन्फ्रा फंड में बिहार को 3900 करोड़ रुपये मिला है। इस फंड से राज्य में किसानों के लिए बड़े-बड़े गोदाम, कोल्ड स्टोरेज एवं एग्री वैल्यू चेन का विकास होगा। इससे किसानों की काफी सहूलियत होगी एवं राज्य की कृषि आधारभूत संरचना मजबूत होगी। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में डाॅ प्रेम कुमार अपनी बात रख रहे थे। बैठक में कई राज्यों के मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री शामिल हुए। 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोरोना काल में केंद्र से जारी 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज में कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है। इससे किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करने का लक्ष्य हासिल हो सकेगा। एक लाख करोड़ रुपये के कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से देश के 85 प्रतिशत से अधिक छोटे एवं मझौले किसानों तक पूरा फायदा पहुंचना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए एक साथ इतनी बड़ी राशि पहले कभी उपलब्ध नहीं हुई है। केंद्र सरकार का नया अध्यादेश पूरी तरह किसान हितैषी है। किसानों से एमएसपी पर उपज की खरीद पहले की तरह जारी रहेगी। 

डाॅ प्रेम ने कहा कि केंद्र सरकार का यह कदम बिहार जैसे कृषि प्रधान एवं विकासशील राज्य के लिए महत्वपूर्ण है। कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसलिए बिहार के विकास के लिए कृषि एवं कृषि से संबंद्ध क्षेत्रों का विकास सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। केद्र सरकार बिहार में कृषि एवं कृषि से संबंद्ध क्षेत्र पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्यपालन के विकास में भी पूरा सहयोग कर रही है। 

अभी तीसरे कृषि रोड मैप (2017-22) का कार्यान्वयन चल रहा है। कृषि रोड मैप की योजनाओं के कारण बिहार में कृषि उत्पादन में रिकाॅर्ड वृद्धि हुई है। इसके लिए बिहार को 5-5 राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार मिला है। उन्होंने कहा कि बिहार में फसलों का उत्पादन काफी बढ़ा है, लेकिन किसानों को उनके उत्पादों के लिए समुचित मूल्य दिलाना एक चुनौती है।

अन्न का भंडारण एवं विपणन के लिए आधारभूत संरचनाओं की कमी है। इसके लिए बिहार सरकार अपनी ओर से प्रयास कर रही है। साथ ही केंद्र से जारी एग्री इन्फ्रा फंड से बिहार में इसका और तेजी से विकास होगा। 
 


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