पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अगर बिहार की जनता ने फिर सेवा का मौका दिया, तो हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचायेंगे। हमने पहले वादा किया था कि हर घर तक पीने का पानी पहुचायेंगे और इसे पूरा किया। हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए जल संसाधन, लघु जल संसाधन एवं ऊर्जा विभाग कार्ययोजना बना रहे हैं।
सीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ऊर्जा प्रक्षेत्र की 4855.37 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। 1341.31 करोड़ रुपये की योजनाओं का उद्घाटन, 3130.54 करोड़ रुपये की जर्जर तार बदलने की योजना का लोकार्पण एवं 383.52 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम को डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव एवं ऊर्जा सचिव संजीव हंस ने भी संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों का प्रीपेड मीटर लगाने का सपना है। प्रीपेड मीटर लग जाने से बिजली का दुरुपयोग नहीं होगा। साथ ही नाॅर्थ बिहार एवं साउथ बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को भी कम से कम नुकसान होगा।
सौर ऊर्जा ही अक्षय ऊर्जा है। इसके लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित करना होगा। सरकारी भवनों पर सोलर प्लेट लग रहे हैं। ऊपर बिजली और नीचे मछली योजना पर भी काम तेजी से हो रहा है। इससे न सिर्फ पर्यावरण का संरक्षण होगा बल्कि लोगों की आमदनी भी बढ़ेगी।
बिहार में बिजली की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। 2005 में मात्र 700 मेगावाट बिजली की आपूर्ति थी। यह आज बढ़कर 5,932 मेगावाट हो गई है। हर घर तक बिजली पहुंचाने का काम दिसंबर 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य था, जिसे अक्टूबर 2018 में ही पूरा कर लिया गया।
उन्होंने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं को पहले से अधिक सब्सिडी मिल रही है। सभी बिजली बिल पर लिखा होता है कि इसमें सरकार की सब्सिडी कितनी है। राज्य सरकार 6,000 करोड़ रुपये से अधिक बिजली सब्सिडी पर खर्च कर रही है।