पटना। डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अगर घर-घर बिजली नहीं पहुंची होती, तो कोरोना संकट के दौरान महीनों का लाॅकडाउन कभी सफल नहीं होता। लोग घरों में बंद रहने की जगह सड़कों पर निकल आते। बिजली की वजह से ही लोग एसी, पंखा एवं टीवी चला कर घरों में आराम से रहे। डिप्टी सीएम ऊर्जा विभाग की 4,855.37 करोड़ की योजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि घर-घर बिजली पहुंचाने के बाद सरकार किसानों को डीजल से खेती करने से मुक्ति दे रही है। अब तक 1.42 लाख किसानों को खेती के लिए कनेक्शन दिया गया है। डीजल से एक कट्ठे की सिंचाई में पहले जहां 20 रुपये खर्च होता था, वहीं अब बिजली से मात्र 82 पैसे की लागत आती है। प्रति यूनिट 6.25 रुपये लागत वाली बिजली 5.60 रुपये का अनुदान देकर सरकार किसानों को मात्र 65 पैसे प्रति यूनिट उपलब्ध करा रही है।
राज्य सरकार ने पिछले 15 साल में ऊर्जा प्रक्षेत्र पर 98,856 करोड़ रुपये खर्च किया है। साथ ही उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली देने के लिए 45,153 करोड़ अनुदान दिया है। 2005 में 24 लाख बिजली उपभोक्ताओं से प्रतिमाह मात्र 65 करोड़ राजस्व संग्रह होता था। 2019-20 में यह संख्या बढ़कर 1.61 करोड़ हो गई है। साथ ही राजस्व संग्रह प्रति माह 715 करोड़ हो गया है।