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पेट्रोलियम क्षेत्र के तीन प्रोजेक्ट को पीएम ने किया लांच

पटना/नई दिल्ली। बिहार में पेट्रोलियम क्षेत्र के तीन  प्रमुख प्रोजेक्ट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उद्घाटन किया। प्रोजेक्ट में पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर पाइपलाइन का बांका तक विस्तार, बांका एवं पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) में दो एलपीजी बॉटलिंग प्लांट शामिल हैं। 

एलपीजी बॉटलिंग प्लांट बांका जिले में बाराहाट प्रखंड के मधुसूदनपुर एवं पूर्वी चंपारण के हरसिद्धी प्रखंड के कोबेया में हैं। परियोजनाओं को इंडियन ऑयल और एचपीसीएल से अधिकृत किया गया है। पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय ने तीनों परियोजनाओं पर 901 करोड़ राशि खर्च की है। 193 किमी लंबी दुर्गापुर-बांका सेक्शन पाइपलाइन की लागत 634 करोड़ है। एलपीजी बोटलिंग प्लांट की लागत बांका जिले में 131 करोड़ एवं पूर्वी चंपारण में 136 करोड़ है। दोनों प्लांट से प्रतिदिन 40-40 हजार गैस सिलिंडर की आपूर्ति होगी। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि तीनों परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। बिहार के लिए दिए गए विशेष पैकेज में पेट्रोलियम और गैस से संबंधित 21 हजार करोड़ रुपये की 10 बड़ी परियोजनाएं थीं। इनमें से आज यह सातवीं परियोजना है, जिसे बिहार के लोगों को सौंपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भूमिबद्ध राज्य होने और संसाधनों के अभाव के कारण गैस आधारित उद्योगों का विकास बिहार में एक बड़ी चुनौती थी। 

पारादीप-हल्दिया पाइपलाइन को अब पटना एवं मुजफ्फरपुर तक बढ़ाया जाएगा। कांडला से आने वाली पाइपलाइन जो गोरखपुर तक पहुंच चुकी है, उसे भी इससे जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि जब पूरी परियोजना तैयार हो जाएगी, तो यह दुनिया की सबसे लंबी पाइपलाइन परियोजनाओं में से एक बन जाएगी।

बांका और चंपारण बॉटलिंग प्लांट की क्षमता सालाना 125 मिलियन से अधिक सिलिंडर भरने की है। ये संयंत्र झारखंड के संथाल परगना एवं उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में एलपीजी जरूरतों को पूरा करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार के बरौनी का खाद कारखाना गैस पाइपलाइन के निर्माण के बाद शीघ्र काम करना शुरू कर देगा। 

उज्ज्वला योजना से बिहार के लगभग 1.25 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया गया है। उन्होंने कहा कि आठ हजार से अधिक परियोजनाओं पर आने वाले दिनों में छह लाख करोड़ राशि खर्च की जाएगी।

इस मौके पर बिहार के राज्यपाल फागू चौहान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, रविशंकर प्रसाद, गिरिराज सिंह, आर.के. सिंह, अश्विनी कुमार चौबे एवं नित्यानंद राय, डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, कई सांसद और विधायक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े हुए थे। 
 


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