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नमामि गंगे परियोजनाओं का पीएम ने किया उद्घाटन

पटना/नई दिल्ली। बिहार में नमामि गंगे और अमृत योजना से जुड़ी सात परियोजनाओं का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें चार परियोजनाएं जल आपूर्ति, दो सीवरेज ट्रीटमेंट एवं एक रिवर फ्रंट डेवलपमेंट से संबद्ध है। परियोजनाओं की लागत 541 करोड़ है।

प्रधानमंत्री ने पटना के बेऊर एवं करमलीचक में 151 करोड़ की लागत से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, सीवान और छपरा में जलापूर्ति योजनाओं का उद्घाटन किया। साथ ही मुंगेर तथा जमालपुर में जलापूर्ति योजनाओं का शिलान्यास किया। 

नमामि गंगे योजना के अंतर्गत मुजफ्फरपुर रिवर फ्रंट डेवलपमेंट योजना का शिलान्यास किया गया। इसके अंतर्गत 11 करोड़ की लागत से मुजफ्फरपुर शहर के तीन घाट (अखाड़ा घाट, सीढ़ी घाट, चंदवारा घाट) का विकास किया जायेगा। रिवर फ्रंट पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। 

कार्यक्रम में राज्यपाल फागू चौहान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, रविशंकर प्रसाद, डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी एवं सचिव आनंद किशोर मौजूद थे।   

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि गंगा नदी की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए बिहार में 6000 करोड़ रुपये से अधिक की 50 से अधिक परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। सरकार गंगा के किनारे बसे शहरों में गंदे नालों के पानी को सीधे नदी में गिरने से रोकने के लिए कई जलशोधन संयंत्र लगा रही है।उन्होंने कहा कि पटना के बेऊर और करमलीचक में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के उद्घाटन से क्षेत्र के लाखों लोगों को लाभ होगा। गंगा किनारे के गांवों को भी गंगा ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा है।

हाल में बिहार में शुरू की गई करोड़ों रुपये की परियोजनाओं से राज्य की आधारभूत संरचना मजबूत होगी। यह किसानों के लिए भी लाभकारी होगी। उन्होंने अभियंता दिवस पर एम. विश्वेश्वरैया को याद किया। उन्होंने कहा कि बिहार ने देश को लाखों अभियंता देकर राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से व्यवस्था को बदलने की कोशिश जारी है। अब सभी जरूरतें स्थानीय निकाय पूरी करने में सक्षम हैं। इस कारण बिहार के शहरों में पीने के पानी और सीवर जैसी बुनियादी सुविधाओं में निरंतर सुधार हो रहा है।

आने वाले वर्षों में बिहार देश के उन राज्यों में होगा जहां हर घर में पाइप से जलापूर्ति हो रही होगी। बिहार में 100 से अधिक नगर निकायों में 4.5 लाख से अधिक एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। इस कारण छोटे शहरों की सड़क और गलियों में रोशनी की व्यवस्था बेहतर हो रही है। 
 


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