नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बिहार के दरभंगा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना को मंजूरी दे दी। पटना के बाद यह बिहार का दूसरा एम्स होगा। दरभंगा एम्स बन जाने के बाद उत्तर बिहार के लोगों को काफी सुविधा होगी। इसकी स्थापना प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत की जाएगी। दरभंगा एम्स निर्माण की लागत 1264 करोड़ रुपये है। निर्माण कार्य चार साल के अंदर पूरा होने की संभावना है।
दरभंगा एम्स की स्थापना से विभिन्न पदों पर करीब 3,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा आसपास बनने वाले शॉपिंग सेंटर एवं कैंटीन जैसी सुविधाओं और सेवाओं के कारण अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार का सृजन होगा। निर्माण कार्य के दौरान भी रोजगार का सृजन होगा।
एम्स में 750 बेड की व्यवस्था होगी। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार उम्मीद है कि प्रतिदिन लगभग 2000 ओपीडी और प्रति माह लगभग 1000 आईपीडी मरीजों का इलाज होगा। दरभंगा एम्स में 100 एमबीबीएस और 60 बीएससी (नर्सिंग) की सीट होगी। 15-20 सुपर स्पेशलिटी डिपार्टमेंट होंगे। मंत्रिमंडल ने एक निदेशक पद सृजित करने को भी मंजूरी दी है।