मुख्य समाचार

मेगाब्रिज से कोसी व मिथिला क्षेत्र की समस्याएं होंगी दूर 

पटना/नई दिल्ली। बिहार में कोसी रेल मेगाब्रिज समेत रेलवे की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से किया। 1.9 किलोमीटर लंबे कोसी रेल मेगा ब्रिज पर 516 करोड़ राशि खर्च हुई है। 86 साल बाद मेगा ब्रिज कोसी एवं मिथिला क्षेत्र को जोड़ेगा। इसका शिलान्यास वाजपेयी सरकार में 6 जून, 2003 को हुआ था। किऊल नदी पर नये पुल समेत अन्य परियोजनाओं की लागत 2180 करोड़ रुपए है। 

कार्यक्रम में राज्यपाल फागू चौहान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, रवि शंकर प्रसाद, गिरिराज सिंह, नित्यानंद राय एवं देवश्री चौधुरी, डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी शामिल हुए।

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि लगभग साढ़े आठ दशक पहले भूकंप की एक भीषण आपदा ने मिथिला और कोसी क्षेत्र को अलग-थलग कर दिया था। मेगाब्रिज बन जाने से अब दोनों क्षेत्र जुड़ जायेंगे और कई समस्याओं का निदान होगा। निर्मली से सरायगढ़ की दूरी 298 किलोमीटर से घटकर मात्र 22 किलोमीटर हो जायेगी। क्षेत्र में कारोबार एवं रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स से बिहार का रेल नेटवर्क सशक्त होगा। साथ ही पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत की रेल कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। 

इन रेल परियोजनाओं का हुआ उद्घाटन : बरौनी में बिहार का पहला इलेक्ट्रिक लोको शेड, नये इलेक्ट्रिक रेलमार्ग में समस्तीपुर-दरभंगा-जयनगर, समस्तीपुर-खगड़िया, शिवनारायणपुर-भागलपुर, सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर एवं कटिहार-जलपाईगुड़ी। 

नई रेल लाइन में हाजीपुर-वैशाली, इस्लामपुर-नटेसर, सुपौल-सरायगढ़-आसनपुर कुपहा-राघोपुर, करनौती- बख्तियारपुर लिंक बाईपास और बाढ़-बख्तियारपुर के बीच बनी तीसरी नई लाइन। सुपौल-सरायगढ़-राघोपुर मार्ग के गेज एवं किऊल यार्ड की इलेक्ट्राॅनिक इंटरलाॅकिंग में परिवर्तन।

प्रधानमंत्री के साथ मुख्यमंत्री ने नये रेल मार्गों पर ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 
 


संबंधित खबरें