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उपभोक्ता खर्च को बढ़ावा देने के लिए पैकेज की घोषणा  

नई दिल्ली। अर्थव्यवस्था में उपभोक्ता खर्च को प्रोत्साहित करने के लिए 73,000 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने की। कोविड-19 महामारी के कारण लागू लॉकडाउन से उत्पन्न आर्थिक सुस्ती से लड़ने के प्रयासों के तहत यह घोषणा की गई है। 

पैकेज के अंतर्गत उपभोक्ता खर्च में अवकाश यात्रा रियायत (एलटीसी) नकद वाउचर एवं विशेष त्योहार एडवांस योजना जबकि पूंजीगत व्यय के अंतर्गत राज्यों को विशेष सहायता एवं बढ़े हुए बजट प्रावधान शामिल हैं। इस मौके पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर, वित्त सचिव डॉ अजय भूषण पांडेय, वित्तीय सेवा विभाग में सचिव देवाशीष पांडा और आर्थिक कार्य विभाग में सचिव तरुण बजाज भी उपस्थित थे।

मांग बढ़ाने में सहायक प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि ऐसे संकेत मिले हैं कि सरकारी एवं संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों की बचत में अच्छी वृद्धि हुई है। हम विभिन्न वस्तुओं एवं सेवाओं की मांग को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के लोगों को प्रोत्साहित करना चाहते हैं। 

केद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि प्रोत्साहन उपायों की बदौलत विभिन्न वस्तु एवं सेवाओं की मांग बढ़ती है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव कारोबार पर भी पड़ेगा। कारोबारी कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और अपने व्यवसाय को निरंतर जारी रखने के लिए मांग बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं।

उन्होंने इस विचार पर जोर दिया कि आज का समाधान कल की समस्या का कारण नहीं बनना चाहिए। सरकार देश के आम नागरिकों पर भविष्य की महंगाई का बोझ नहीं डालना चाहती और सरकारी कर्ज को भी अस्थायी रास्ते पर नहीं धकेलना चाहती है।

पेश किए गए प्रस्ताव किफायती ढंग से खर्च को प्रोत्साहित करने के लिए तैयार किए गए हैं। इनमें कुछ प्रस्ताव बाद में ऑफसेट परिवर्तनों के जरिए खर्च को आगे बढ़ाने या शुरुआती खर्च को लेकर हैं, जबकि अन्य प्रस्ताव जीडीपी में वृद्धि से सीधे जुड़े हुए हैं।
 


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