नई दिल्ली। किसान रेल योजना के तहत किसान समेत कोई भी व्यक्ति आसानी से परिवहन सब्सिडी पा सकता है। किसान रेल के जरिए अधिसूचित फल और सब्जियों के परिवहन की सुविधा शुरू की गई है। फल और सब्जियों के परिवहन पर मात्र पचास प्रतिशत परिवहन शुल्क लगेगा। शेष पचास प्रतिशत परिवहन शुल्क ऑपरेशन ग्रीन्स योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की ओर से भारतीय रेल को दिया जाएगा।
वर्तमान में चार किसान रेल का परिचालन हो रहा है। इनमें देवलाली (महाराष्ट्र) से मुजफ्फरपुर, आंध्र प्रदेश के अनंतपुर से दिल्ली और बेंगलुरु से हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली) है। चौथी किसान रेल 14 अक्टूबर से नागपुर और वरूद ऑरेंज सिटी से आदर्श नगर दिल्ली तक शुरू हुई है।
देश की पहली किसान रेल सात अगस्त 2020 को देवलाली स्टेशन से बिहार के दानापुर तक साप्ताहिक शुरू हुई थी। इसके बाद मांग के आधार पर इस ट्रेन को मुजफ्फरपुर (बिहार) तक बढ़ा दिया गया और इसका संचालन सप्ताह में दो दिन कर दिया गया है।
अधिसूचित फसल : आम, केला, अमरूद, लीची, कटहल, किवी, मौसंबी, संतरा, किन्नू, कागजी नींबू, नींबू, पपीता, अनानास, अनार, सेब, अनोला, कृष्णा फल या पैशन फ्रूट और नासपाती।
अधिसूचित सब्जियां : फूलगोभी, फ्रेंच बीन्स, करेला, बैंगन, शिमला मिर्च, गाजर, हरी मिर्च, भिंडी, खीरा, मटर, प्याज, आलू और टमाटर।
केंद्रीय कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ऑपरेशन ग्रीन्स के तहत टॉप टू टोटल सब्सिडी आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। ऑपरेशन ग्रीन्स टॉप टू टोटल योजना के तहत दी गई अन्य छूट के अंतर्गत अधिसूचित फल-सब्जियों के सभी कन्साइनमेंट पर पचास प्रतिशत परिवहन सब्सिडी मिलेगी।