पटना। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि बिहार के विकास के बिना आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने राज्य के उद्यमियों से वादा किया कि बैंकों से जुड़ी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा के लिए वे पटना शीघ्र आयेंगे। इसमें बैंकों के शीर्ष अधिकारी, इंडियन बैंक एसोसिएशन के पदाधकारी एवं उद्यमियों के साथ चर्चा होगी। उन्होंने उद्यमियों से बैंकों का डाटा तैयार कर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री ने बिहार उद्योग संघ (बीआईए) के साथ बैठक की। एसोसिएशन के सदस्य व्यक्तिगत एवं ऑनलाइन इस कार्यक्रम से जुड़े। एसोसिएशन के अध्यक्ष राम लाल खेतान ने राज्य के औद्योगिक विकास में बीआईए के प्रयासों की चर्चा की।
केंद्रीय मंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़, आत्मनिर्भर एवं डिजिटल क्रांति की ओर ले जाने की दिशा में सरकार के प्रयास एवं तैयार कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुझे व्यापार का लंबा अनुभव रहा है। किस-किस स्तर पर उद्यमियों को परेशानी होती है। इससे मैं अवगत हूं।
केंद्र सरकार का स्पष्ट प्रयास है कि डिजिटल क्रांति के माध्यम से सभी समस्याओं का निदान किया जाए। सरकार का प्रयास है कि बैंकों के बीच ऐसा माहौल बने, जिससे बैंक उद्यमियों को उधार देने के लिए प्रतिस्पर्धा करें। उन्होंने उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेटिव की चर्चा की। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्टार्टअप के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार लगातर प्रयास कर रही है। भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है कि स्टार्टअप को प्रोमोट करने वाले देशों में भारत का तीसरा स्थान है।
एसोसिएशन के महासचिव आशीष रोहतगी ने औद्योगिक वित्त से जुड़ी समस्या एवं सुझावों पर एक विस्तृत ज्ञापन केंद्रीय मंत्री को सौंपा। राज्य के साख-जमा अनुपात की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि बिहार जैसे पिछड़े राज्य में बैंकों का सहयोग नहीं मिल रहा है। बिहार में साख-जमा अनुपात मात्र 40 प्रतिशत है जबकि राष्ट्रीय औसत 76 प्रतिशत है।
कोविड-19 के परिपेक्ष्य में एमएसएमई प्रक्षेत्र के उद्योगों के लिए कम ब्याज, प्रत्यक्ष कर एवं जीएसटी से जुड़े कई मुद्दों की ओर भी ध्यान आकृष्ट कराया गया। सदस्यों के कुछ व्यावहारिक सुझावों पर केंद्रीय मंत्री ने विचार करने का आश्वासन दिया।