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एनडीए को मिला बहुमत, 110 सीट पर महागठबंधन

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में आखिर एनडीए को बहुमत मिल ही गया। एनडीए को 125, महागठबंधन को 110, एआईएमआईएम को 5, लोजपा, बसपा एवं निर्दलीय को 1-1 सीटें मिली हैं। विधानसभा की 243 सीटों के नतीजे 10 नवंबर की देर रात आ गये। पूरे दिन बहुमत से कुछ अंकों के फासले ने मुकाबले को रोमांचक बना दिया। 

भाजपा 74 सीटों के साथ एनडीए में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। 2015 विधानसभा चुनाव की तुलना में भाजपा को 21 सीटों का फायदा हुआ है। जदयू को बड़ा नुकसान हुआ है। उसे इस बार 43 जबकि पिछले चुनाव में 71 सीटें मिली थीं। हिन्दुस्तान अवाम मोर्चा (हम) एवं विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को 4-4 सीटों पर सफलता मिली है।  

आरजेडी दोबारा सबसे बड़ी पार्टी बनी है। उसे 75 सीटें मिली हैं। हालांकि 2015 चुनाव से उसे पांच सीटों का नुकसान हुआ है। कांग्रेस को 19, सीपीआईएमएल को 12, सीपीआईएम एवं सीपीआई को 2-2 सीटें प्राप्त हुई हैं।  

रालोसपा इस बार खाता नहीं खोल सकी। लोजपा को मात्र एक सीट (मटिहानी) पर संतोष करना पड़ा है। बसपा को एक सीट चैनपुर एवं एक निर्दलीय को चकाई सीट मिली है। असादुद्दीन ओवेसी के नेतृत्व वाली एआईएमआइएम ने सीमांचल की पांच सीट पर जीत दर्ज की है। पार्टी ने कोचाधामन, अमौर, बहादुरगंज, वायसी एवं जोकीहाट सीट पर कब्जा किया है।    

राज्य सरकार के नौ मंत्री चुनाव हार गए। हारने वालों में जय कुमार सिंह, कृष्णनंदन वर्मा, सुरेश शर्मा, संतोष निराला, रमेश ऋषिदेव, फिरोज अहमद, लक्ष्मेश्वर राय, शैलेश कुमार एवं बृजकिशोर बिंद हैं। आरजेडी के वरिष्ठ नेता अब्दुलबारी सिद्दीकी को भी पराजय का सामना करना पड़ा।     


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