पटना। सेंट्रल ट्रेड यूनियन की देशव्यापी हड़ताल का बिहार में असर दिखा। एसबीआई को छोड़कर राज्य में विभिन्न बैंकों कीे लगभग 5300 शाखाएं बंद रहीं। करीब 70 से 80 हजार करोड़ का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ। 12 बजे के बाद कैश नहीं रहने के कारण अधिकतर एटीएम बंद हो गए। इस कारण लोगों को परेशानी हुई। बैंककर्मियों ने मांगों को लेकर शाखा एवं अंचल कार्यालयों के समक्ष प्रदर्शन किया। सेंट्रल ट्रेड यूनियन ने हड़ताल का आह्वान केंद्र सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के विरोध में किया था।
एआईबीओए के वरीय उपाध्यक्ष सह बिहार स्टेट कमिटी के महासचिव डाॅ कुमार अरविंद ने बताया कि आज की हड़ताल में ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए), ऑल इंडिया बैंक इम्पलाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) एवं बैंक इम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (बेफी) के सदस्य शामिल हुए। लगभग 34 हजार बैंककर्मी हड़ताल पर रहे। अन्य बैंक यूनियन ने हड़ताल को नैतिक समर्थन दिया।
बैंक यूनियन की मांग : नाॅन इनकम टैक्स पेयी कर्मचारियों को प्रतिमाह 7500 रुपये भत्ता देने, बैंकों का निजीकरण नहीं करने, डिफाॅल्टर्स पर कार्रवाई, काॅरपोरेट एनपीए की सख्ती से वसूली, बैंकों में आउटसोर्सिंग पर रोक, नियमित नियुक्ति, बैंक डिपाॅजिट की ब्याज दर में वृद्धि एवं सभी बैंककर्मियों के लिए डीए लिंक्ड पेंशन स्कीम लागू करना।