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पूर्वी चंपारण में शहद उत्पादकों के संगठन का शुभारंभ 

नई दिल्ली। बिहार में पूर्वी चंपारण समेत पांच राज्यों में मधुमक्खी पालक एवं शहद संग्राहकों के किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) का शुभारंभ केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। ये एफपीओ नाफेड के सहयोग से पश्चिम बंगाल में सुंदरबन, उत्तर प्रदेश में मथुरा, राजस्थान में भरतपुर और मध्य प्रदेश में मुरैना में बने हैं। 

भारत सरकार की योजना के अंतर्गत इन पांचों एफपीओ से जुड़े लगभग 500 गांवों के शहद उत्पादकों को लाभ मिलेगा। करीब 60 हजार क्विंटल शहद को प्रोसेस कर नाफेड की मदद से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाएगा। नाफेड अपनी संबद्ध संस्था इंडियन सोसाइटी ऑफ एग्रीबिजनेस प्रोफेशनल्स (आईएसएपी) की मदद से मधुमक्खी पालकों के लिए एफपीओ बना रहा हैं।  

केंद्रीय कृषि मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि देश में दस हजार एफपीओ बनाने की योजना है। कृषक उत्पादक संगठन बनने पर छोटे-मझौले किसानों के जीवन में बदलाव आएगा और उनकी आय काफी बढ़ेगी। दस हजार एफपीओ बनाने की योजना की सफलता के लिए कृषि मंत्रालय ने तैयारी कर ली है। उन्होंने सभी एजेंसियों से कहा कि इसे सरकारी योजना के रूप में नहीं लें। एफपीओ प्लेटफार्म किसानों के लिए हर तरह से मददगार होगा। 

मधुमक्खी पालन कार्य छोटे किसानों की आमदनी बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है। केंद्र सरकार की कोशिश है कि यह मीठी क्रांति न केवल सफल हो, बल्कि इस लक्ष्य तक पहुंचे कि दुनिया में शहद की दृष्टि से भारत एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर सकें। इसके लिए 500 करोड़ रुपये का फंड आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत पैकेज के रूप में दिया गया है। अन्य योजनाओं के माध्यम से भी मधुमक्खी पालकों को निरंतर प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला, सचिव सुधांशु पांडेय, नाफेड के एमडी संजीव कुमार चड्डा एवं कई  उत्पादक शामिल हुए।
 


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