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किसानों के बीच अधिकारियों को जाने का निर्देश 

पटना। कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए कृषि अधिकारियों को उनके बीच जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि अधिकारियों को ऑफिस में कम और ज्यादा समय किसानों के बीच बिताना चाहिए। कृषि मंत्री बामेती में राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। 

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब पदाधिकारी जितना भी काम करेंगे। उनका मूल्यांकन किया जाएगा। इसलिए पदाधिकारी कागज में समीक्षा से पहले खुद की समीक्षा करें। इसका सकारात्मक परिणाम किसानों की खुशहाली में दिखना चाहिए। फसल अवशेष प्रबंधन एवं फसल खरीद के लिए अनुकूल प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया।

कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को हम जो देते हैं, वो कम है। किसान अपने उत्पादन का दाम भी स्वयं नहीं लगा पाते हैं बल्कि दाम बाजार तय करता है। सहकारिता विभाग के भी मंत्री होने के नाते मैंने पैक्स की समस्याओं को सुना। पैक्सों की पिछले सारे बकाया राशि का भुगतान किया जा चुका है। अब किसानों की धान अधिप्राप्ति के लिए पैक्स का कोई बहाना नहीं चलेगा। 

अधिकारियों को दिए गए निर्देश : सभी कृषि पदाधिकारी प्रत्येक बुधवार एवं गुरुवार को क्षेत्र भ्रमण कर किसानों से सम्पर्क करेंगे। क्षेत्रीय कृषि पदाधिकारी प्रत्येक सप्ताह अपने कार्यालय में एक दिन निर्धारित कर किसानों से मिल उनकी समस्याओं का निदान करेंगे। 

2. सभी अधिकारी क्षेत्र भ्रमण के क्रम में विभागीय योजनाओं का निरीक्षण भी करेंगे।

3. जिला स्तर पर निर्मित संयुक्त कृषि भवन एवं प्रखंड स्तर पर ई-किसान भवन के भू-तल पर किसानों के लिए अतिथि कक्ष की व्यवस्था। 

बैठक में कृषि सचिव डाॅ एन. सरवण कुमार, कृषि निदेशक आदेश तितरमारे, उद्यान निदेशक नंद किशोर, विशेष सचिव पूनम एवं विजय कुमार, संयुक्त सचिव शैलेंद्र कुमार, बामेती निदेशक डाॅ जितेंद्र प्रसाद एवं कई पदाधिकारी मौजूद थे। 


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