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नए साल में राजधानी जलाशय देखेंगे स्कूली बच्चे 

पटना। राजधानी जलाशय का निर्माण स्कूली बच्चों के लिए किया गया है। 4 जनवरी के बाद 20-20 के ग्रुप में गाइड के साथ स्कूली बच्चों को यहां भ्रमण कराया जायेगा। पक्षियों को परेशानी नहीं हो इसका विशेष ध्यान रखना होगा। मुख्य सचिवालय परिसर स्थित राजधानी जलाशय का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री ने कई निर्देश दिए। 

उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को प्रकृति से जुड़ने का ऐहसास होना चाहिए। बच्चे यहां पर प्रकृति से जुड़ी सारी चीजों को देखेंगे। इसका उनपर व्यापक असर होगा। उनकी रुचि प्राकृतिक, जैव विविधता और पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता को लेकर बढ़ेगी। जलाशय को पर्यावरण के ख्याल से विकसित किया गया है। पक्षियों का कलरव बहुत ही अच्छा लग रहा है। 

मुख्यमंत्री को राजधानी जलाशय क्षेत्र में पाए जाने वाले वनस्पति एवं पक्षियों की विस्तृत जानकारी दी गई। यहां 36 तरह के पक्षियों की प्रजाति देखे गए हैं। इनमें कुछ पक्षी प्रवासी श्रेणी में हैं। जलीय पक्षी प्रजातियों में लालसर, कुट, पिनटेल, गड़वाल, कॉम्ब डक एवं स्थलीय पक्षी में ट्रीपाई, कोयल, धनेश, रौलर हैं। प्रवासी प्रजाति पक्षियों में लेसर व्हीसलिंग डक, फेरोजीनस डक, कॉरमोरंट, मूरहेन एवं गडवाल प्रमुख हैं। 

यहां पक्षियों के अधिक से अधिक जमावड़े के लिए अन्य सुविधाओं के साथ भोजन के रूप में मछली, कीड़े, जलीय पौधे, गीली घास एवं अन्य चीजें उपलब्ध हैं। शहर की घनी आबादी के बीच यह नैसर्गिक स्थल बन गया है। राजधानी जलाशय का प्रबंधन वन विभाग कर रहा है। 

इस दौरान डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद, जलसंसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह, सीएम के सचिव मनीष कुमार वर्मा एवं अनुपम कुमार, ओएसडी गोपाल सिंह एवं डीएम  कुमार रवि सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। 
 


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