पटना। खाद (उर्वरक) की कालाबाजारी करने वालों पर कृषि विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को नियमित रूप से जांच कर अधिक कीमत पर खाद बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
कृषि निदेशक आदेश तितरमारे ने किसानों से कहा है कि सभी जिलों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। किसी तरह की परेशानी होने पर कृषि निदेशालय के टेलिफोन नंबर 0612-2200814 पर एवं जिला स्तर पर जिला पदाधिकारी और जिला कृषि पदाधिकारी को सूचना दें। हर हाल में खाद की बिक्री पाॅस मशीन से एवं किसानों को रसीद देने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने बताया कि मूल्य नियंत्रण पर विभाग सजगता से निगरानी रखता है। इस मामले में दोषी पाये जाने वाले खुदरा एवं थोक विक्रेताओं पर कड़ी कारवाई की जाती है। वर्ष 2020-21 में अब तक 2590 छापेमारी की गई है। इनमें 562 विक्रेताओं का लाइसेंस निलंबित, 205 रद्द, 75 पर प्राथमिकी एवं 1005 विक्रेताओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
सभी जिलों में उर्वरक निगरानी समिति की बैठक डीएम की अध्यक्षता में लगातार हो रही है। सीमावर्ती जिलों में खाद की तस्करी रोकने के लिए जिला प्रशासन को सूचित किया गया है। मुख्यालय से भी जांच दल जिलों में भेजी जा रही है।
निदेशक ने कहा कि 2020-21 में अक्टूबर से दिसंबर तक 7.50 लाख मीट्रिक टन के विरुद्ध केंद्र सरकार से 7.30 लाख मीट्रिक टन यूरिया मिला है। जनवरी 2021 में 2.20 लाख मीट्रिक टन के विरुद्ध 2.20 लाख मीट्रिक टन का आवंटन किया गया है। इससे स्पष्ट है कि राज्य में खाद की कोई कमी नहीं है। खाद की मांग का विश्लेषण कर विभाग हर जिले को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराता है।