दरभंगा/नई दिल्ली। बिहार की बेटी ज्योति को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उसे बहादुरी के लिए पुरस्कार मिला है। लाॅकडाउन (कोरोना काल) के दौरान ज्योति साइकिल से अपने बीमार पिता को गुरुग्राम से दरभंगा लाकर काफी चर्चित हो चुकी है। करीब 1200 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली साइकिल गर्ल के हौसले को देश ने सम्मान दिया है।
ज्योति दरभंगा जिले के सिरहुल्ली गांव (सिंहवाड़ा प्रखंड) की रहने वाली है। इस उपलब्धि पर उसके माता-पिता गौरवान्वित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ज्योति समेत राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित 32 बच्चों से बातचीत की। इस मौके पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी भी मौजूद थीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के पुरस्कार खास हैं। इसकी वजह यह है कि विजेताओं ने इन्हें कोरोना के कठिन समय में अर्जित किया है। उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे इन उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहें। अपने जीवन में बेहतर परिणाम के लिए प्रयास करते रहें। बच्चों से अपने मन में तीन प्रतिज्ञा निरंतरता, देश के लिए और विनम्रता रखने को भी कहा। ।
भारत सरकार हर वर्ष शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति, समाज सेवा, नवाचार और बहादुरी के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धियां हासिल करने वाले बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित करती है।