पटना। गांधी मैदान में आयोजित 72 वें गणतंत्र दिवस समारोह में कृषि विभाग की झांकी को पहला पुरस्कार मिला है। स्वास्थ्य विभाग को दूसरा एवं तीसरा पुरस्कार संयुक्त रूप से महिला विकास निगम एवं जीविका, जल संसाधन एवं लघु जल संसाधन विभाग की झांकियों को दिया गया है।
कृषि विभाग ने बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति पर आधारित झांकी का प्रदर्शन किया था। इसका स्लोगन अपनी मिट्टी, अपना मखाना, अपनी चाय एवं कृषि उद्योग में निवेश, आय वृद्धि में प्रवेश था। बिहार मखाना का मुख्य उत्पादक राज्य है। झांकी में मखाना की खेती से लेकर उसके मूल्य संवर्धन को प्रदर्शित किया गया।
बिहार में किशनगंज एवं समीप के क्षेत्रों में चाय की खेती की जाती है। यहां उत्पादित चाय की हरी पत्तियां कारखाना के नहीं रहने के कारण कच्चे माल के रूप में दूसरे राज्यों में भेज दी जाती है। यह विभिन्न ब्रांड के नाम से बाजार में उपलब्ध है। चाय के उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देने से बिहार की चाय को एक अलग पहचान मिलेगी।
कृषि विभाग की झांकी को पहला पुरस्कार मिलने पर कृषि, सहकारिता एवं गन्ना उद्योग मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि विभाग के लिए यह गौरव का क्षण है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए उन्होंने कृषि विभाग के सचिव समेत झांकी से जुड़े तमाम पदाधिकारी एवं कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
उन्होंने कहा कि बिहार में शीघ्र कृषि उद्योग के लिए चयनित सात सेक्टर में निवेश के लिए उद्यमी आगे आयेंगे। इससे राज्य में कृषि प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलेगा।
इन विभागों की निकली झांकियां : कृषि विभाग, उद्योग विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, पर्यटन विभाग, भवन निर्माण विभाग, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, महिला विकास निगम एवं जीविका, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग, जल संसाधन एवं लघु सिंचाई विभाग।