पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि शराबबंदी के पीछे मेरा कोई व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं है। यह लोगों के हित में है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में बताया गया है कि एक वर्ष में जितनी मृत्यु होती है उसमें 5.3 प्रतिशत लोगों की मृत्यु की वजह शराब का सेवन है।
मिथिलेश स्टेडियम में आयोजित बिहार पुलिस सप्ताह 2021 के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि शराबबंदी लागू रहेगी। इसमें कोई ढिलाई नहीं होगी। शराब मामले में अब बड़ी कार्रवाई हो रही है। इस अभियान में श्वान और उड़न दस्ते की भी मदद ली जायेगी। धंधेबाजों पर कार्रवाई में किसी तरह का समझौता नहीं होगा। एसपी को सप्ताह में तीन से चार दिन जिले का दौरा करने की सीएम ने नसीहत दी। इससे पुलिस की कार्यशैली में और सुधार होगा।
महात्मा गांधी ने सात सामाजिक पापों की चर्चा की है। बापू नेे सिद्धांत के बिना राजनीति, काम के बिना धन की प्राप्ति, विवेक के बिना सुख, चरित्र के बिना ज्ञान, नैतिकता के बिना व्यापार, मानवता के बिना विज्ञान और त्याग के बिना पूजा को सात सामाजिक पाप बताया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में शांति एवं सद्भाव के साथ सकारात्मक माहौल बनाए रखने में पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका है। बिहार पुलिस सप्ताह के अवसर पर मेरी कामना है कि पुलिस बल की प्रशंसा हो और आप सभी को कामयाबी मिलती रहे। पुलिस बल में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए स्वाभिमान बटालियन का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने इन्हें किया सम्मानित : उत्कृष्ट कार्य के लिए एडीजी विनय कुमार एवं जीतेंद्र गंगवार, सेवानिवृत्त डीएसपी प्रतिभा सिन्हा, राकेश कुमार एवं सैयद रफत कमाल, एसआई बासुकीनाथ मिश्रा को सम्मानित किया गया।
वीरता के लिए मुजफ्फरपुर की रानी कुमारी, जमुई की अर्पिता, गौरव सिंह राठौर एवं मुतुर्रहमान, सारण के अतुल मुकेश, दरभंगा के संतोष कुमार महतो एवं सुधीर कुमार को नागरिक प्रशस्ति पत्र और चेक देकर सम्मानित किया गया।
बिहार पुलिस सप्ताह कार्यक्रम का आयोजन वर्ष 1958 में पहली बार किया गया था। उसके बाद 1981 एवं 2007 से प्रतिवर्ष 22 से 27 फरवरी के बीच कार्यक्रम का आयोजन होता है। कार्यक्रम को डीजीपी एसके सिंघल एवं बीएमपी के डीजी आरएस भट्टी ने भी संबोधित किया।