पटना। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री नीरज कुमार सिंह ने बच्चों से कहा कि अपने घर पर गौरैया को बुलाने की पहल करें। इस पहल की तस्वीर विभाग को दिखाने पर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण के जरिए गौरैया को बचाया जा सकता है। हमारी यादों से गौरैया को दूर करने में प्रदूषण की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए उसे वापस बुलाने के लिए पेड़-पौधे लगाने होंगे ताकि पर्यावरण स्वस्थ हो और जीवन बना रहे।
विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर पटना जू में आयोजित हमारी गौरैया, प्यारी गौरैया कार्यक्रम को पर्यावरण मंत्री संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर पीआईबी के सहायक निदेशक संजय कुमार एवं पटना काॅलेज के निशांत रंजन के नेतृत्व में पर्यावरण योद्धाओं की चित्र प्रदर्शनी भी लगी थी। प्रदर्शनी की सभी ने सराहना की। इस दौरान मंत्री ने निःशुल्क घोंसला वितरित किया। रजिस्ट्रेशन कराए लोगों को उनके घर पर बॉक्स दिया जायेगा ।

गौरैया संरक्षण के लिए सम्मानित संजय कुमार ने बताया कि गौरैया अभी विलुप्त होने की कगार पर नहीं है, लेकिन यही स्थिति रही तो, इसकी संख्या चिंताजनक यानी रेड जोन में चली जाएगी। स्टेट ऑफ इंडियनस बर्ड्स 2020 के मुताबिक पिछले 25 साल से गौरैया की संख्या भारत में स्थिर बनी हुई है। उन्होंने गौरैया को वापस बुलाने के लिए छत पर दाना-पानी नियमित रखने एवं बॉक्स लगाने की लोगों से अपील की।
इस मौके पर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह एवं पटना जू के निदेशक सत्यजीत, विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे।