पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता से अपील की है कि वे कोरोना गाइडलाइन का अवश्य पालन करें। हर हाल में मास्क का प्रयोग अनिवार्य है। सभी को कोरोना संक्रमण के प्रति सचेत रहने की जरूरत है। कोविड-19 से संबंधित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कुछ राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बिहार के लोग पूरे देश में रहते हैं। इस कारण होली में घर आने वालों पर विशेष नजर रखनी होगी।
उन्होंने अधिकारियों को रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं एयरपोर्ट पर यात्रियों की कोरोना जांच कराने एवं उनकी ट्रैवल हिस्ट्री की जानकारी रखने का निर्देश दिया। कोरोना की न्यूनतम 70 प्रतिशत जांच आरटीपीसीआर से कराने एवं रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर मिल जानी चाहिए। किसी पर्व, उत्सव या आयोजनों में सीमित संख्या में ही लोग शामिल हों और कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना टीकाकरण की रफ्तार को और बढ़ाएं। सभी हेल्थ एवं फ्रंटलाइन वर्कर, पुलिसकर्मी एवं पेंशनधारियों का टीकाकरण तेजी से कराएं। डॉक्टर एवं स्वास्थ्यकर्मी कोरोना गाइडलाइन का पालन करें।
उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना की अभी वैसी स्थिति नहीं है कि स्कूलों को बंद किया जाए। अभी स्कूल खुले रहेंगे और पढ़ाई जारी रहेगी। स्कूलों में सभी जरूरी सुविधाओं का ख्याल रखना होगा।
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि अभी बिहार में एक्टिव केस की संख्या 436 है। 19 मार्च, 2021 तक कुल 2,30,58,747 जांच किए गए। राष्ट्रीय स्तर पर औसत रिकवरी रेट 96.26 प्रतिशत है, जबकि बिहार की रिकवरी रेट 99.24 प्रतिशत है। राष्ट्रीय स्तर पर औसत मृत्यु दर 1.38 प्रतिशत है जबकि राज्य की औसत मृत्यु दर 0.59 प्रतिशत है।
माइक्रो कंटेनमेंट जोन में शत-प्रतिशत जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिलों के कंट्रोल रूम एक्टिव मोड में हैं और स्थितियों पर नजर रखी जा रही है। कोरोना संक्रमण की बढ़ती संख्या को देखते हुए सारी तैयारियां की गई हैं। बाहर से आने वाले लोगों की रैंडम जांच हो रही है। पंचायतों में माइकिंग के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
बैठक के दौरान पटना, गया, मुंगेर, भागलपुर, मधुबनी, सहरसा, मुजफ्फरपुर, पश्चिमी एवं पूर्वी चंपारण, रोहतास एवं सारण के जिलाधिकारियों ने अपने जिलों की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी।
बैठक में शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य सचिव, संबंधित विभागों के प्रधान सचिव, सभी प्रमंडलीय आयुक्त, सभी जोन के आईजी एवं डीआईजी, डीएम एवं एसपी और चिकित्सक वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे।