पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी विभागों से कहा है कि योजनाओं को लेकर जो लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, उसे मिशन मोड में पूरा करें। कृषि रोडमैप बनाने के पहले किसानों एवं विशेषज्ञों के साथ बैठक की गई। सभी बिंदुओं पर चर्चा के बाद कृषि रोडमैप बना।
तीन कृषि रोडमैप अब तक बनाये गये हैं। इससे फसलों के उत्पादन में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि तीसरे कृषि रोडमैप के बचे हुए कार्यकाल में इस बात की समीक्षा करें कि हम अपने लक्ष्य को कितना प्राप्त कर सके हैं और बचे हुए काम को कैसे तेजी से पूरा करें। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए पटना में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण बातें आईं थीं। इस आधार पर काम किया जा रहा है।
बिहार विकास मिशन की शासी निकाय की आठवीं बैठक को मुख्यमंत्री संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बैठक के दौरान दूध प्रसंस्करण की क्षमता, महिला दूध सहकारी समितियों की संख्या एवं राज्य की जलवायु के अनुकूल गायों की नस्ल को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
साथ ही गौशाला के विकास एवं मछली उत्पादन को और बढ़ाने पर भी जोर दिया। सीवान में चौर क्षेत्रों को विकसित करने को लेकर बेहतर कार्य किये जा रहे हैं। राज्य के चैर क्षेत्रों के विकास से किसानों को लाभ मिलेगा। हमें हर थाली में एक बिहारी व्यंजन के सपने को पूरा करना है।
बैठक में कृषि, पशु एवं मत्स्य संसाधन, सहकारिता, जल संसाधन, ऊर्जा, लघु जल संसाधन, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन, राजस्व एवं भूमि सुधार एवं खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभागों के प्रमुखों ने योजनाओं की प्रगति से संबंधित जानकारी दी। साथ ही डिप्टी सीएम, कृषि मंत्री, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री एवं संबंधित विभागों के मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े हुए थे।