पटना। बिहार में हर वर्ष बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति बनी रहती है। इस बार भी बाढ़ एवं सुखाड़ की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूरी तैयारी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में टीम बनाकर सही आकलन करवाएं। प्रभावित लोगों की सूची बनाते समय पूरी पारदर्शिता बरतें ताकि कोई पीड़ित लाभ से वंचित न रहे।
बाढ़ एवं सुखाड़ से पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार इस वर्ष सामान्य वर्षा की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव सरकार की प्राथमिकता है। पूरा प्रशासन इसके लिए तत्परता से काम कर रहा है। इस विषम परिस्थिति में सबको मिलकर काम करना है। बाढ़ राहत कार्य में जिन पदाधिकारी, कर्मचारी एवं जीविका दीदियों का सहयोग लिया जाएगा, उनका टीकाकरण करवा लें।
बाढ़ से बचाव के लिए सभी कटाव निरोधक एवं सुरक्षात्मक कार्य को शीघ्र पूरा करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया। उन्होंने कहा कि सभी विधायक एवं विधान पार्षदों से उनके क्षेत्रों की जानकारी लेकर काम करें। 30 मई तक पशुचारा दर, आपूर्तिकर्ता एवं बाढ़ राहत सामग्री के संबंध में पूरी व्यवस्था कर लें। सुखाड़ की स्थिति में पशुओं के लिए जल की उपलब्धता की व्यवस्था रखें।
जून के पहले सप्ताह में एक बार फिर से समीक्षा बैठक होगी। उन्होंने कहा कि हर घर तक नल का जल के माध्यम से लोगों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। अगर कहीं चापाकल की जरूरत महसूस होगी, तो उसकी भी व्यवस्था करें।
आपदा प्रबंधन, जल संसाधन, नगर विकास एवं आवास, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य, कृषि, पशु एवं मत्स्य संसाधन और पीएचईडी विभाग के प्रमुखों ने बाढ़ एवं सुखाड़ पूर्व तैयारी संबंधित जानकारी दी। सभी जिलों के डीएम एवं एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े हुए थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में डिप्टी सीएम, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संसाधन, कृषि, पीएचईडी, पशु एवं मत्स्य संसाधन और पथ निर्माण विभागों के मंत्री मौजूद थे।