पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहारवासियों से कोरोना महामारी के खिलाफ एकजुट होकर दृढ़ इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच के साथ मुकाबला करने की अपील की है। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि बिहार में पिछले वर्ष इस बीमारी से लोगों को राहत पहुंचाने के लिए कई कदम उठाये गये थे। इसका परिणाम हुआ था कि 8 मार्च, 2021 को कोरोना के मरीजों की संख्या घटकर मात्र 248 रह गयी थी।
मार्च के बाद कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में राज्य में मरीजों की संख्या में अचानक तेजी आयी है। इसे देखते हुए पुनः कोरोना जांच की संख्या बढ़ा दी गई है। आवश्यक दवाओं के साथ अस्पतालों में सभी प्रकार के आधारभूत संरचना बेड, पाईप्ड ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन कंसेट्रेटर एवं रेमडेसिविर की व्यवस्था की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए 5 मई से 15 मई 2021 तक बिहार में लाॅकडाउन लगाया गया है। लाॅकडाउन की सफलता के लिए सभी बिहारवासियों के सहयोग की आवश्यकता है। लाॅकडाउन से कोरोना मरीज की संख्या में कमी आनी शुरू हो गयी है। इस दौरान इच्छुक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है। सभी जिलों में गरीब एवं असहाय लोगों के लिए सामुदायिक किचेन चलाया जा रहा है।
कोरोना संकटकाल में अनुशासन और हिम्मत के साथ चिकित्सक, चिकित्साकर्मी, नर्स, सफाईकर्मी, प्रशासन और पुलिस सहित सभी कोरोना योद्धा सराहनीय कार्य कर रहे हैं। कोरोना की पहली लहर का बिहार ने दृढ़ता और साहस के साथ सामना किया। इस बार की लहर में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। हम सब इसका डटकर मुकाबला कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण की दर में धीरे-धीर कमी आ रही है, जिससे एक्टिव मरीजों की संख्या कम हो रही है। राज्य में रिकवरी दर में निरंतर वृद्धि हो रही है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि आप अपना हौसला एवं धैर्य बनाए रखें। सरकार कोरोना से बचाव के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है। जागरूक और सतर्क रहें, डाॅक्टर की सलाह और दिशा-निर्देश का पालन करें। मेरी आप सब से अपील है कि मास्क लगाएं, दो गज की दूरी बनाए रखें, हाथ साफ रखें और नंबर आने पर टीका जरूर लगवाएं। मुझे पूरा भरोसा है कि हम सब मिलकर इस बीमारी से मुक्ति अवश्य प्राप्त करेंगे।