पटना। कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि अधिक मूल्य पर खाद बेचने की शिकायत मिलने पर संबंधित जिला कृषि पदाधिकारी पर कार्रवाई होगी। पटना प्रमंडल की कृषि योजनाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि सभी जिलों में खाद समुचित मात्रा में उपलब्ध है। कृषि अधिकारियों को निर्धारित मूल्य पर खाद बिक्री की निगरानी करने एवं जिला और प्रखंड स्तरीय उर्वरक समिति की बैठक समय पर करने का निर्देश दिया गया है।
कृषि मंत्री ने बताया कि पटना प्रमंडल के रोहतास एवं कैमूर जिलों में धान की व्यापक खेती होती है। इन जिलों में फसल अवशेष (पराली) जलाने की शिकायत मिल रही है। पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरा क्षमता नष्ट होती है। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए उपयोगी यंत्रों पर 80 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। इसके प्रचार करने एवं किसानों को जागरूक करने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है। इसके बावजूद यदि कोई किसान पराली जलाने में दोषी साबित होते हैं, तो उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी।
खरीफ मौसम में किसानों को समय पर बीज देने एवं स्वाईल हेल्थ कार्ड की महत्ता प्रचारित करने का निर्देश दिया गया। जैविक काॅरिडोर योजना के सही संचालन के लिए एक मजबूत निरीक्षण प्रणाली तैयार करने पर चर्चा हुई। इसमें जिला से लेकर मुख्यालय स्तर के वरीय पदाधिकारियों की भूमिका होगी। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में सचिव डाॅ एन. सरवण कुमार, निदेशक आदेश तितरमारे एवं पटना प्रमंडल के अंतर्गत छह जिलों के कृषि पदाधिकारी मौजूद थे।