पटना। प्रचंड चक्रवाती तूफान ‘यास’ का प्रभाव बिहार में भी दिखेगा। सूबे के अधिकतर भागों में 26 मई से 30 मई तक मध्यम से भारी बारिश, तेज हवा एवं वज्रपात की आशंका है। मौसम विभाग एवं राज्य सरकार ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
चक्रवाती तूफान से निपटने की तैयारियों को लेकर मंख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि संबंधित विभाग एवं अधिकारी लगातार परिस्थितियों पर नजर बनाए रखें और उसके अनुसार जरूरी तैयारी रखें। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में सभी सरकारी एवं प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों का इलाज प्रभावित नहीं हो। इसकी वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर लें।
आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि सभी जिलाधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है। ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य, जल एवं लघु जल संसाधन, पथ निर्माण एवं ग्रामीण कार्य विभाग को विशेष रूप से अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम पूरी तरह तैयार है।
पटना के डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार जिले में तेज हवा के साथ 80 से 120 मिली मीटर बारिश होने की संभावना है। इस कारण बिजली की आपूर्ति भी बाधित हो सकती है।
सभी अस्पतालों को जेनरेटर एवं ऑक्सीजन की व्यवस्था करने के लिए कहा गया ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न होे। बिजली पोल, तार एवं ट्रांसफाॅर्मर क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में कम समय में बिजली आपूर्ति बहाल करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए विशेष टीम 24 घंटे तैनात रहेगी।