पटना। राष्ट्रीय डाॅल्फिन शोध केंद्र के अंतरिम कार्यालय का उद्घाटन पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री नीरज कुमार सिंह ने किया। शोध केंद्र कार्यालय पटना विश्वविद्यालय (पीयू) स्थित जंतु विज्ञान विभाग के परिसर में है।
मंत्री नीरज कुमार सिंह ने छात्रों को डाॅल्फिन पर शोध को बढ़ावा देने, संरक्षण देने एवं इनकी जानकारी रखने वाले मछुआरों की मदद लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि गंगा नदी में डाॅल्फिन की संख्या का 50 प्रतिशत बिहार में पाया गया है। इस कारण केंद्र सरकार की घोषित डाॅल्फिन परियोजना में बिहार का महत्व है।
मुख्यमंत्री के प्रयासों से इसे राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया गया है। उन्होंने डाॅल्फिन के व्यवहार, रहन-सहन एवं खाद्य प्रणाली को समझने पर जोर दिया। इसके लिए विशेषज्ञों से विमर्श कर एक ऐसा क्षेत्र बनाने पर भी काम हो, जिससे डाॅल्फिन प्राकृतिक रूप से रह सके।
डाॅल्फिनमैन के नाम से मशहूर माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय के कुलपति पद्मश्री रवींद्र कुमार सिन्हा ने बिहार में गांगेय डाॅल्फिन पर किए गए शोध के इतिहास पर प्रकाश डाला। शोध केंद्र के अंतरिम प्रभारी वैज्ञानिक डाॅ गोपाल शर्मा, पीयू के कुलपति गिरीश कुमार चौधरी, प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह, राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष अशोक कुमार घोष एवं पटना साइंस काॅलेज के प्राचार्य राम पद्मदेव ने भी अपने विचारों को रखा।