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लोन सीमा जीएसडीपी की पांच प्रतिशत हो : डिप्टी सीएम 

पटना/नई दिल्ली  डिप्टी सीएम सह वित्तमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से अनुरोध किया है कि राज्यों को ऋण उगाही के लिए राजकोषीय घाटे की सीमा सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) की पांच प्रतिशत होनी चाहिए। चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा की सीमा जीएसडीपी की चार प्रतिशत है। इसमें 3.5 प्रतिशत बिना शर्त एवं 0.5 प्रतिशत शर्त के साथ है।

डिप्टी सीएम ने दिल्ली दौरे के क्रम में केंद्रीय वित्तमंत्री को यह प्रस्ताव दिया। इस दौरान राज्य के वित्तीय मामलों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में राज्य के लिए निर्धारित ऋण उगाही का 75 प्रतिशत नौ महीने के लिए स्वीकृत है। 

इस संबंध में शेष 25 प्रतिशत बाजार ऋण उगाही के लिए स्वीकृति शीघ्र देने का प्रस्ताव दिया। सामान्यतया दिसंबर या जनवरी में इसकी स्वीकृति दी जाती है। इससे राज्य सरकार ऋण की उगाही वित्तीय वर्ष के अंतिम तीन माह जनवरी-फरवरी-मार्च की जगह अक्टूबर, नवंबर एवं दिसंबर में कर सकेगी। बिहार सरकार ने पिछले दो वर्षों में निर्धारित सीमा के अंदर ही ऋण उगाही की है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने सभी प्रस्तावों पर कार्रवाई का भरोसा दिया।
 


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