पटना। स्वास्थ्य विभाग की 2705.35 करोड़ रुपए की 989 परियोजनाओं का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रिमोट के जरिए शिलान्यास एवं उद्घाटन किया। इनमें 1503.06 करोड़ रुपए की 872 योजनाओं का शिलान्यास, 521.74 करोड़ रुपए की दो योजनाओं का कार्यारंभ, 399 करोड़ रुपए की 108 योजनाओं का उद्घाटन एवं 281.55 करोड़ रुपए की सात योजनाओं का लोकार्पण शामिल है।
मुख्यमंत्री ने जश्न-ए-टीका पोर्टल एवं ई-संजीवनी ओपीडी एप्प भी लांच किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 में एक सर्वे में जानकारी मिली थी कि एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर महीने में 39 मरीज इलाज के लिए आते हैं। बाद में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर किया गया। अब एक महीने में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 10 हजार लोग पहुंच रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जगहों पर चिकित्सा सुविधा के लिए बड़ी संख्या में कई योजनाओं की शुरुआत की गयी है। अस्पतालों में इलाज के साथ मुफ्त दवा की भी व्यवस्था है। दीदी की रसोई के माध्यम से अस्पतालों में भोजन उपलब्ध कराने पर काम हो रहा है। टेलिमेडिसिन के माध्यम से इलाज एवं बाल हृदय शल्य योजना पर काम शुरू हो गया है।
कोरोना से बचाव के लिए मार्च, 2020 से लगातार काम किए जा रहे है। केंद्रीय सहायता के अलावा राज्य सरकार ने दस हजार करोड़ से अधिक राशि इस पर खर्च की है। सीएम ने कहा कि कोरोना के तीसरे चरण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सभी लोग सचेत और जागरूक रहें।
इस मौके पर सभी एएनएम को चिकित्सा सामग्रियों का एक किट एवं आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन दिया गया। कार्यक्रम को डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद एवं रेणु देवी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, राज्य स्वास्थ्य समिति के अनिमेष कुमार पराशर एवं विशेष सचिव अरविंदर सिंह ने भी संबोधित किया।