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बिहार में खुलेंगे तीन नए कृषि महाविद्यालय : सीएम 

पटना। 75वें स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में तीन नए कृषि महाविद्यालयों के खोलने की घोषणा की। सभी महाविद्यालय बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर (भागलपुर) के अधीन होंगे। सबौर में कृषि जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, भोजपुर में कृषि अभियंत्रण महाविद्यालय एवं पटना में कृषि व्यवसाय प्रबंधन महाविद्यालयों की स्थापना की जाएगी। ऐतिहासिक गांधी मैदान में झंडोत्तोलन के बाद मुख्यमंत्री ने नौ घोषणाएं की। 

2. राज्य के किसानों को बाजार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सभी कृषि बाजार समितियों का जीर्णोद्वार एवं विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। यहां पर अनाज, फल-सब्जी एवं मछली के लिए अलग-अलग बाजार एवं स्टोरेज की सुविधा होगी। इस पर लगभग 2700 करोड़ राशि खर्च होगी। 

3. बिहार में इको टूरिज्म के विकास के सभी कार्य अब पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अंतर्गत होंगे। इसके लिए विभाग में इको-टूरिज्म विंग की स्थापना की जाएगी। इसके अंतर्गत पहाड़ी, वन एवं वन्य-प्राणी क्षेत्रों में पर्यटकों के लिए उच्चस्तरीय सुविधाओं का निर्माण एवं रख-रखाव होगा। इको-टूरिज्म पॉलिसी का निर्धारण भी शीघ्र होगा। 

4. राज्य के सभी गांवों में अगले चार साल में दूध सहकारी समितियां होंगी। नई समितियों में 40 प्रतिशत महिला दूध समितियां होंगी। 

5. सुधा डेयरी उत्पादों के विक्रय केंद्र अभी कुछ शहरी क्षेत्रों तक ही सीमित हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इनका विस्तार होगा। अगले चार साल में सभी नगर निकाय एवं प्रखंड स्तर तक सुधा डेयरी उत्पादों के बिक्री केंद्र खुल जाएंगे।

6. सभी वर्ग की युवतियों के लिए सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना शुरू होगी ताकि प्रशासनिक सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ सके। अभी एससी-एसटी एवं अति पिछड़ा वर्ग के युवक-युवतियों को बीपीएससी एवं यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पास करने पर मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए क्रमशः पचास हजार एवं एक लाख प्रोत्साहन राशि दी जाती है। 

7.  स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए विद्यालय स्तर पर कुशल एवं प्रभावी नेतृत्व की जरूरत होती है। इसके लिए शिक्षा विभाग के अधीन प्रारंभिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षक संवर्ग एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक संवर्ग का गठन किया जाएगा। प्रधान शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक के पदों पर नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से होगी।

8. पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए एससी-एसटी एवं पिछड़ा-अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए पारिवारिक आय सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपए की जाएगी। बढ़ी हुई सीमा पर अतिरिक्त खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। अभी केंद्र सरकार ने इन वर्गों के लिए परिवारिक आय सीमा 2.5 लाख रुपए निर्धारित की है। 

9.  केंद्र सरकार के तर्ज पर राज्य सरकार के अधिकारी, कर्मचारी एवं पेंशनधारियों को एक जुलाई, 2021 से महंगाई भत्ता 17 प्रतिशत की जगह 28 प्रतिशत मिलेगा। 

इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्य एवं उपलब्धियों को भी बताया।  
 


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