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घोड़परास व बंदर से किसान परेशान, मंत्री ने की बैठक

पटना। राज्य में घोड़परास (नीलगाय) एवं बंदर से फसल की क्षति को रोकने के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग पायलट प्रोजेक्ट तैयार कर रहा है। मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर से इसकी शुरुआत होगी। प्रोजेक्ट में तीन पशु चिकित्सक शामिल होंगे। इसके लिए वहां अस्थायी केंद्र बनेगा। घोड़परास एवं बंदर की ऑन स्पॉट डार्टिंग होगी। साथ ही हितधारकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

घोड़परास (नीलगाय) एवं बंदर की बढ़ती जनसंख्या से किसान परेशान हैं। इन जानवरों से फसलों को काफी नुकसान हो रहा है। इस समस्या के निदान के लिए मंत्री नीरज कुमार सिंह ने विभागीय पदाधिकारी एवं पशु चिकित्सकों के साथ बैठक की। अधिकारी एवं पशुचिकित्सकों ने प्रेजेंटेशन के जरिए कार्ययोजना की पूरी जानकारी दी। 
 


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