पटना। जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में सुपौल से आए एक फरियादी ने कहा कि सुपौल जिले में काफी भ्रष्टाचार है। जिले के डीएम भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। उनके खिलाफ शिकायत एक साल से कर रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्य सचिव से भी शिकायत की गई, लेकिन डीएम साहब पर कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है।
फरियादी ने आरोप लगाया कि यह मामले उनका व्यक्तिगत नहीं बल्कि जिले से संबंधित है। उन्होंने 51 ऐसे मामलों की सूची मुख्यमंत्री को सौंपी, जो भ्रष्टाचार से जुड़े हुए थे। जिले में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं एवं तालिमी मरकज में गड़बड़ी का आरोप बताया। फरियादी ने कहा हर मामले में जांच कमिटी गठित होती है, लेकिन समाधान कुछ नहीं निकलता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को इस पर उचित कार्रवाई करने को कहा।
पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर से आई पीड़िता ने जदयू विधायक रिंकू सिंह पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उसके पति की हत्या के मामले में स्थानीय विधायक रिंकू सिंह को आरोपित किया गया था, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। मुख्यमंत्री ने पीड़िता को डीजीपी के पास भेजकर जांच कराने को कहा।
सीवान जिले के सिसवां से आए एक फरियादी ने एसपी और थाना प्रभारी के खिलाफ शिकायत की है। उसने कहा कि शराब विक्रेताओं के खिलाफ मेरी गुप्त सूचना को इनलोगों ने व्हाट्सएप पर सार्वजनिक कर दी। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को शीघ्र कार्रवाई का आदेश दिया।
पूर्वी चंपारण जिले की रुचि भारती ने कहा कि मेरे पिता दैनिक जागरण अखबार में पत्रकार हैं। उन्हें परेशान करने की नीयत से फंसाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कार्रवाई का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से आए 195 लोगों की समस्याओं को सुना और निदान के लिए कार्रवाई का निर्देश दिया। जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यकम में आज सामान्य प्रशासन विभाग, गृह, राजस्व एवं भूमि सुधार, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, निगरानी, खान एवं भूतत्व विभाग के मामलों पर सुनवाई हुई।