पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बच्चों में वायरल बुखार को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि वायरल बुखार के लक्षणों पर भी नजर रखें। बच्चों के इलाज में किसी प्रकार की कोताही नहीं हो। अस्पतालों में दवा की पर्याप्त व्यवस्था रखें। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कई निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकाकरण ही कोरोना से बचाव का कारगर उपाय है। इसलिए शहरी क्षेत्रों में टीकाकरण के बचे कार्य को शीघ्र पूरा करें एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष अभियान चलाएं। मुंबई, केरल और तमिलनाडु से आने वाले लोगों की कोरोना जांच अवश्य कराएं। रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड पर कोरोना जांच की व्यवस्था जरूर होनी चाहिए।
कोरोना जांच की संख्या प्रतिदिन दो लाख करने का मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मास्क का प्रयोग जरूरी है। यह कोरोना संक्रमण से बचाव के साथ अन्य वायरल बीमारियों से बचाव में भी उपयोगी है। माइकिंग के माध्यम से प्रचार-प्रसार कर लोगों को सचेत एवं जागरूक करते रहें।
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बच्चों में वायरल बुखार से बचाव को लेकर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे, बीएमएसआईसीएल के एमडी प्रदीप कुमार झा, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह एवं अपर सचिव कौशल किशोर उपस्थित थे।
