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बिहार की तुलना धनी राज्य से करना उचित नहीं : सीएम

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में बिहार आज काफी आगे बढ़ गया है। नीति आयोग की स्वास्थ्य रिपोर्ट पर राज्य सरकार अपना जवाब भेज देगी कि यह उपयुक्त नहीं है। बिहार में हुए कार्यों पर गौर किए बिना रिपोर्ट जारी करना ठीक नहीं है।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र से बिहार की तुलना नहीं की जा सकती है। सबसे धनी राज्य की तुलना सबसे गरीब राज्य से नहीं हो सकती है। नीति आयोग की बैठक में हम बहुत सारी बातों को कह चुके हैं। इसके बावजूद आयोग सभी राज्यों को अगर एक ही तरह से मान कर चल रहा है, तो यह विचित्र बात है। जनता का दरबार कार्यक्रम के बाद पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने उक्त बातें कहीं।  

नीति आयोग की रिपोर्ट : आयोग की हाल की रिपोर्ट में बताया गया है कि बिहार के जिला अस्पतालों में एक लाख की आबादी पर मात्र छह बेड हैं। इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (आईपीएचएस) की गाइड लाइन के अनसार जिला अस्पतालों में एक लाख की आबादी पर न्यूनतम 22 बेड होने चाहिए। नीति आयोग की रिपोर्ट में राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेशों की सूची में पूडूचेरी 222 बेड के साथ पहले जबकि बिहार छह बेड के साथ निचले स्थान पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पता नहीं नीति आयोग किस प्रकार और किसके माध्यम से अपना काम कराती है। आयोग की अगली बैठक में अगर हमें जाने का मौका मिला, तो एक-एक बात हम फिर से उनके सामने रखेंगे। एसेसमेंट करने से पहले बुनियादी चीजों की जानकारी होनी चाहिए। सभी राज्य को एक समान बता देना ठीक नहीं है।

बिहार आबादी के दृष्टिकोण से देश में यूपी और महाराष्ट्र के बाद तीसरे जबकि क्षेत्रफल के हिसाब से बिहार 12वें नंबर पर है। बिहार में प्रति वर्ग किलोमीटर आबादी देश में सबसे ज्यादा है। आयोग को बिहार की इन परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना होगा।

 


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