पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अभी बिजली की समस्या है। इससे सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि पूरा देश प्रभावित है। बाहर की कंपनियों से बिजली खरीदने में अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। एनटीपीसी और दूसरी कंपनियों से जितनी बिजली आपूर्ति का प्रावधान है। उतनी बिजली नहीं मिल रही है। इस कारण यह समस्या आयी है।
मुख्यमंत्री जनता का दरबार कार्यक्रम के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि बिहार में मांग के अनुसार बिजली की आपूर्ति की जा रही है। पिकआवर में लगभग 5500-5600 मेगावाट बिजली उपलब्ध है। पिछले पांच दिनों में विद्युत एक्सचेंज से लगभग 570 लाख यूनिट बिजली खरीदी गई है। इसकी लागत लगभग 90 करोड़ रुपए है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के बिजली घरों को समझौता कर एनटीपीसी को सौंप दिया गया है। फिलहाल बिहार सरकार के अधीन कोई बिजली घर नहीं है। बरौनी बिजली घर की यूनिट दस दिनों में शुरू हो जाएगी।
फसल क्षति मुआवजा : अधिक बारिश के कारण फसल क्षति मुआवजे के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी डीएम से रिपोर्ट मांगी गई है। पूरी रिपोर्ट 12 अक्टूबर तक तैयार करने का निर्देश दिया गया है। राज्य सरकार फसल क्षति के मुआवजे पर काम कर रही है। जितने भी प्रभावित लोग हैं। सबकी मदद की जाएगी।
जातीय जनगणना : मुख्यमंत्री ने कहा कि जातीय जनगणना होने से सभी जाति और उपजातियों की सही संख्या की जानकारी मिलेगी। अभी वर्ष 1931 की जनगणना के आधार पर काम हो रहा है। इस मसले पर निर्णय लेना केंद्र सरकार को है। अगर केंद्र की तरफ से नहीं होता है, तो राज्य की तरफ से क्या हो सकता है। इस पर बिहार उपचुनाव के बाद सभी दलों के साथ बैठक की जाएगी और उचित निर्णय लिया जाएगा।