नई दिल्ली। विद्युत मंत्रालय का कहना है कि कुछ राज्य अपने उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति नहीं कर रहे हैं। बिजली की कटौती (लोड शेडिंग) कर बिजली एक्सचेंज में ऊंचे दाम पर बिजली बेच रहे हैं।
बिजली आवंटन के निर्देशों के अनुसार 15 प्रतिशत बिजली रिजर्व रखी जाती है। इसे केंद्र सरकार जरूरतमंद राज्यों को आवंटित करती है। उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति करने की जिम्मेदारी वितरण कंपनियों की है। कंपनियों को पहले अपने उपभोक्ताओं की जरूरत को पूरा करना चाहिए, जिन्हें 24 घंटे बिजली प्राप्त करने का अधिकार है। वितरण कंपनियों को एक्सचेंज में बिजली नहीं बेचनी चाहिए।
केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि वे उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति के लिए आवंटित बिजली का उपयोग करें। अतिरिक्त बिजली के मामले में केंद्र सरकार को सूचित करें ताकि जरूरतमंद राज्यों को फिर से आवंटित किया जा सके।
यदि यह पाया जाता है कि कोई राज्य अपने उपभोक्ताओं की जरूरत को पूरा नहीं कर रहे हैं और बिजली एक्सचेंजों में ऊंचे दाम पर बिजली बेच रहे हैं, तो ऐसे राज्यों को आवंटित रिजर्व बिजली वापस लेकर जरूरतमंद राज्यों को आवंटित कर दी जाएगी।