पटना। आधार कार्ड नहीं होने की स्थिति में टीकाकरण से वंचित लोगों को निराश होने की जरूरत नहीं है। उन्हें दूसरे पहचान पत्र के आधार पर टीकाकरण कराने एवं आधार कार्ड बनवाने का निर्देश मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिया है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कोरोना से बचाव संबंधित कई निर्देश दिए।
दीपावली एवं छठ में अन्य राज्यों में रह रहे बिहारवासी बड़ी संख्या में घर आते हैं। सभी की कोरोना जांच और टीकाकरण नहीं होने पर टीकाकरण कराने का उन्होंने निर्देश दिया। अन्य राज्यों में रह रहे बिहार के लोगों को प्रचार-प्रसार के माध्यम से यह भी बताएं कि अगर उन्होंने अपना टीकाकरण एवं आरटीपीसीआर जांच करा लिया है, तो उसका प्रमाणपत्र साथ रखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं इंटर स्टेट बॉर्डर चेक प्वाइंट पर विशेष नजर रखने की जरूरत है। नेपाल से सटे राज्य के सीमावर्ती जिलों में भी कोरोना संक्रमण को लेकर विशेष सतर्कता बरतें। माइकिंग के माध्यम से प्रचार-प्रसार कर लोगों को कोरोना संक्रमण के प्रति सचेत एवं जागरूक करते रहें।
समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कोरोना एवं अन्य बीमारियों से बचाव के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छठ के पहले कोरोना टीकाकरण अभियान को तेज एवं कोरोना जांच की संख्या बढ़ाई जाएगी।
18,19 और 20 अक्टूबर को कोरोना वैक्सीन के दूसरे डोज को लेकर डोर-टू-डोर अभियान चलाया जायेगा। इस दौरान लोगों को कोरोना वैक्सीन का दूसरा डोज लेने के लिए भी प्रेरित किया जायेगा। डब्ल्यूएचओ के सर्वे में जानकारी दी गई है कि मोतिहारी जिले में 96 प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य सचिव, विकास आयुक्त, सीएम के प्रधान सचिव एवं सचिव और राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक उपस्थित थे।