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बिहार मंडप में हस्तशिल्प उत्पादों की लगी प्रदर्शनी

नई दिल्ली। प्रगति मैदान में चल रहे 40वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (आईआईटीएफ) में बिहार दिवस समारोह और बिहार मंडप का शुभारंभ उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने किया। व्यापार मेले का थीम आत्मनिर्भर भारत है। इसी तर्ज पर बिहार ने भी अपनी प्रदर्शनी लगाई है। आत्मनिर्भर गांव के जरिए आत्मनिर्भर बिहार के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बिहार मंडप में राज्य के हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी लगी है।

इस मौके पर उद्योग मंत्री ने कहा कि बिहार के गांवों में जो हुनर है। वह पूरे देश के लिए एक मिसाल है। ग्रामीण इलाकों में रह रहे हस्तशिल्पी और बुनकरों की चीजें ऐसी हैं कि इससे बिहार का मान बढ़ रहा है। मधुबनी पेंटिंग, मंजूषा कला, सिल्क, खादी एवं अन्य उत्पादों से बिहार की पहचान बनी है।

बिहार मंडप में 41 स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें 21 स्टॉल हस्तशिल्पी और 20 स्टॉल बुनकरों के हैं। पांच स्टॉल धारकों को बिहार स्टार्ट अप नीति 2017 के अंतर्गत लाभ प्राप्त हुआ है। ये एप्लिक कला, सुजनी कला और मधुबनी पेंटिंग को आधुनिक प्रबंधन कौशल के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। बिहार की पारंपरिक विधा यानी जड़ी वर्क, लाह चूड़ी, बेंत, बांस शिल्प एवं मंजूषा कला की मिसाल पेश करने वाली चीजें मेले में सुर्खियां बन रही हैं।

उद्योग मंत्री ने कहा कि बिहार मंडप तैयार करने में इसका पूरा ध्यान रखा गया है कि बिहार की बेहतरीन झलक लोगों को मिले। इसलिए पद्मश्री दुलारी देवी की मधुबनी पेंटिंग, मनोज पंडित की मंजूषा पेंटिंग, जगदीश पंडित की मृणमय कला एवं नजमा खातून की मिट्टी कला की जीवंत प्रदर्शनी की जा रही है।

 

 


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