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नीति आयोग रैंकिंग का आधार बदले, तो बिहार होगा अव्वल

पटना। पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि नीति आयोग को राज्यों के आकलन के लिए नई पद्धति विकसित करनी चाहिए। आयोग इस आधार पर कोई रैंकिंग रिपोर्ट जारी करे कि सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय जैसे मानकों पर किसी राज्य ने 10 साल में कितनी प्रगति की है, तो इसमें बिहार सबसे आगे होगा। आयोग को राज्यों से परामर्श कर विकास की गति मापने वाले नए पैमाने बनाने चाहिए।

नीति आयोग की जिस रिपोर्ट का हवाला दिया जाता है, वह छह साल पुराने आंकड़ों पर आधारित है। रिपोर्ट देश के पंजाब-गुजरात जैसे संपन्न राज्य, गोवा-उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य और बिहार-उड़ीसा जैसे पिछड़े राज्यों की आर्थिक-भौगोलिक परिस्थितियों का कोई आकलन नहीं करती।

नीति आयोग को आबादी, संसाधन और क्षेत्रफल जैसे आधार पर राज्यों का वर्गीकरण करना चाहिए। फिर प्रत्येक वर्ग की प्रगति का आकलन करते समय यह भी ध्यान रखना चाहिए कि दस साल पहले वह राज्य दस मुख्य मानकों पर कहां खड़ा था।

 


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