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नीरा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रचार-प्रसार कराएं : सीएम

मुजफ्फरपुर। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नीरा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रचार-प्रसार कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार के तीन जिलों वैशाली, नालंदा ओर गया में नीरा उत्पादन अच्छे तरीके से शुरू हुआ था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण यह कार्य शिथिल पड़ गया। इस व्यवसाय से अच्छी आमदनी होगी। मुख्यमंत्री समाज सुधार अभियान के अंतर्गत मुजफ्फरपुर समाहरणालय सभाकक्ष में मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी एवं शिवहर जिलों की संयुक्त समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री के अनुसार नीरा स्वास्थ्यवर्द्धक एवं स्वादिष्ट पेय पदार्थ है। इस कार्य को बाहर के व्यापारी से भी लिंक कराएं ताकि नीरा का व्यवसाय और फायदेमंद हो सके। तमिलनाडु की टीम ने सर्वे के दौरान कहा था कि बिहार के ताड़ वृक्ष में तमिलनाडु की अपेक्षा नीरा उत्पादन की अधिक क्षमता है। उन्होंने परंपरागत रूप से ताड़ी के कारोबार से जुड़े समुदाय को नीरा उत्पादन के लिए प्रशिक्षित कराने का निर्देश दिया।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन के लिए लगातार अभियान चलाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा बाल विवाह के सबसे अधिक मामले बिहार एवं उत्तर प्रदेश से हैं। इनके दुष्परिणामों की जानकारी लोगों को दें।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की लंबित राशि का भुगतान, भूमि विवाद समाधान की लगातार निगरानी, एससी-एसटी मामलों में समय पर मुआवजा राशि का भुगतान एवं हर घर नल का जल योजना का कार्यान्वयन ठीक ढंग से कराने पर भी चर्चा हुई।

सीएम ने कहा बिहार में पहले धान की खरीद नहीं होती थी। 2007 से इसकी शुरुआत हुई। पिछले वर्ष 34 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद हुई थी। इस वर्ष 45 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। समीक्षा बैठक में मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी एवं शिवहर जिलों के जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्र की समस्याओं को बताया। मुख्यमंत्री ने समाधान का निर्देश अधिकारियों को दिया।

 


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