पटना। राज्य में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सख्ती के संकेत दिए हैं। सभी जिलों से कोरोना की रिपोर्ट आने के बाद सरकार जनहित में निर्णय लेगी। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि 2021 की तरह इस बार भी कोरोना के मामले अचानक तेजी से बढ़ रहे हैं। शुरू में 5-7 दिनों के लिए सख्ती का निर्णय लिया जाएगा। सुरक्षा के लिए सभी को सजग रहना होगा।
सीएम ने बताया कि जनता दरबार में आज छह कोरोना के केस मिले हैं। कैटरिंग की व्यवस्था से जुड़े पांच लोग भी पॉजिटिव हो गए। उन्होंने कहा कि पूरे बिहार से कोरोना रिपोर्ट लेने के बाद कल (4 जनवरी) की बैठक में आगे का निर्णय लिया जाएगा। कई डॉक्टर भी पॉजिटिव हो गए हैं।
समाज सुधार अभियान आगे जारी रखने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 4 जनवरी के कार्यक्रम में औरंगाबाद जा रहे हैं। अभी तक बिहार में कोरोना संक्रमण कंट्रोल में था। इस कारण कई कार्यक्रम हो रहे थे। अब अचानक इसमें वृद्धि हो रही है। पूरी स्थिति की समीक्षा के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। सभी जगहों पर कोरोना संक्रमितों के इलाज की व्यवस्था की गई है।
बिहार में ऋतिका ने लिया पहला टीका : जनता का दरबार कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने आईजीआईएमएस से बिहार में 15 से 18 उम्र के किशोरों के लिए कोविड टीकाकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में ऋतिका कुमारी ने बिहार से इस आयु वर्ग का पहला टीका लिया। टीका लेने के बाद सीएम ने ऋतिका का हाल-चाल पूछा। उन्होंने आईजीआईएमएस में जिनोम सिक्वेंसिंग लैब का निरीक्षण किया एवं पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली।