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बिहार के धीरज व पल साक्षी बाल पुरस्कार से सम्मानित

बेतिया/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) 2022 के 29 विजेताओं में बिहार से धीरज कुमार एवं पल साक्षी भी हैं। धीरज कुमार को बहादुरी के लिए एवं पल साक्षी को समाज सेवा के लिए सम्मानित किया गया है।

विजेताओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। बेतिया जिला के 14 वर्षीय धीरज कुमार के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री ने उस घटना के बारे में पूछा, जिसमें उन्होंने अपने छोटे भाई को मगरमच्छ के हमले से बचाया था।

छोटे भाई को बचाने के दौरान प्रधानमंत्री ने उनकी मनः स्थिति के बारे में पूछा। धीरज ने बताया कि उस समय मेरे सामने एक ही लक्ष्य था कि मुझे अपने भाई नीरज को बचाना है। वर्ष 2021 में हम दोनों भाई मवेशी चराने के लिए गंडक नदी के किनारे गए थे। छोटा भाई भैंसों को नहलाने के लिए नदी के किनारे उतरा। अचानक मगरमच्छ ने भाई पर हमला कर दिया।

छोटे भाई नीरज को बचाने के लिए मैं भी नदी में कूद पड़ा। दोनों भाइयों ने मगरमच्छ से करीब दस मिनट तक संघर्ष किया। अंत में मगरमच्छ हमें छोड़कर भाग गया। घायल भाई को तुरंत समीप के अस्पताल लेकर गया। प्रधानमंत्री ने धीरज के साहस और सूझ-बूझ की तारीफ की। धीरज ने प्रधानमंत्री से कहा कि वह एक फौजी के तौर पर देश की सेवा करना चाहता है।

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए वर्ष 2021 और 2022 के लिए पीएमआरबीपी के विजेताओं को डिजिटल प्रमाणपत्र दिए गए। विजेताओं को प्रमाणपत्र देने के लिए पहली बार इस तकनीक का इस्तेमाल किया गया।

भारत सरकार नवाचार, सामाजिक सेवा, शैक्षिक योग्यता, खेल, कला एवं संस्कृति और बहादुरी जैसी छह श्रेणियों में बच्चों को उनकी असाधारण उपलब्धि के लिए पीएमआरबीपी पुरस्कार प्रदान करती है। बाल शक्ति पुरस्कार की विभिन्न श्रेणियों के तहत देश भर से 29 बच्चों को पीएमआरबीपी-2022 के लिए चुना गया है। प्रत्येक विजेता को एक पदक, एक लाख रुपए का नकद पुरस्कार और प्रमाणपत्र दिए गए।

 


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